भादों अमावस्या उत्सव में साधकों ने सीखा स्वस्थ जीवन का मंत्र
फतेहपुर शेखावाटी, 08 सितंबर (हि.स.)। भादों अमावस्या उत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को शक्ति गोयनका ट्रस्ट कोलकाता की ओर से आयोजित समारोह में योग और ध्यान का विशेष सत्र हुआ। चूरू के योग गुरु डॉ. मनोज शर्मा ने साधकों को योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। सामूहिक अभ्यास के दौरान वातावरण योगमय नजर आया और प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न क्रियाओं में हिस्सा लिया। डॉ. मनोज शर्मा ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और मानसिक थकान तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मन को शांत और एकाग्र बनाने का प्रभावी माध्यम है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक लचीलापन बढ़ता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर के आंतरिक अंगों की कार्यक्षमता को भी लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि योग और ध्यान तनाव, अवसाद, मधुमेह, अस्थमा, हृदय संबंधी समस्याओं तथा पाचन से जुड़ी परेशानियों में राहत पहुंचाने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। नियमित अभ्यास से व्यक्ति की शक्ति, सहनशक्ति और एकाग्रता में वृद्धि होने के साथ त्वचा में भी निखार आता है। योग को दिनचर्या में शामिल करने का संदेश शक्ति गोयनका ट्रस्ट के चेयरमैन सुशील कुमार गोयनका ने योग के दैनिक जीवन में महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल किसी विशेष अवसर पर किया जाने वाला अभ्यास नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से योग और ध्यान करने का आह्वान किया। उत्सव के दौरान आयोजित इस विशेष सत्र ने प्रतिभागियों को स्वस्थ शरीर और शांत मन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

