चालीस वर्ष से अधिक आयु के पुलिसकर्मियों का होगा अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण
जयपुर, 21 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान पुलिस के जवानों और उनके परिवारों की शारीरिक व मानसिक सेहत को प्राथमिकता देते हुए बुधवार को पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने की, जबकि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पुलिस आयोजना, आधुनिकीकरण एवं कल्याण) डॉ. प्रशाखा माथुर और डीआईजी पर्सनल डॉ. कुंवर राष्ट्रदीप विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में प्रदेशभर की पुलिस यूनिटों से जुड़े डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ ने भाग लिया। इस दौरान डीजीपी शर्मा ने निर्देश दिए कि 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी पुलिसकर्मियों का अनिवार्य रूप से मासिक और वार्षिक शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ पुलिस वेलफेयर की पहली कड़ी हैं और उन्हें सक्रिय भूमिका निभानी होगी। स्वास्थ्य परीक्षण प्रक्रिया की मॉनिटरिंग और डेटा संकलन की जिम्मेदारी डॉ. सुनील पुनिया (नोडल अधिकारी, पुलिस मुख्यालय) को सौंपी गई है। साथ ही सभी जिला यूनिटों के डॉक्टर्स को जवानों की नियमित काउंसलिंग करने और मानसिक तनाव कम करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
एडीजी डॉ. प्रशाखा माथुर ने जिला स्तर पर निजी अस्पतालों के साथ समन्वय स्थापित करने, समय-समय पर हेल्थ कैंप और चिकित्सा शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों से पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके परिवारजनों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
बैठक में विभिन्न जिलों और यूनिटों के कुल 39 डॉक्टर्स एवं नर्सिंग स्टाफ ने भाग लिया। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कल्याण विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पुलिस बल ही सुरक्षित समाज की नींव रख सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

