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बीएसएफ की वर्दी में देश की सेवा की, अब कैंसर से जीतकर जिंदगी की नई पारी खेल रहे हैं हंसराज

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बीएसएफ की वर्दी में देश की सेवा की, अब कैंसर से जीतकर जिंदगी की नई पारी खेल रहे हैं हंसराज


बीकानेर, 08 अगस्त (हि.स.)। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में वर्षों तक देश की सेवा करने वाले झुंझुनूं जिले के सांतोर गांव निवासी हंसराज ने जीवन की एक और कठिन लड़ाई जीत ली है। इस बार मुकाबला किसी दुश्मन से नहीं, बल्कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से था। समय पर जांच, नियमित उपचार और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर आज वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने गांव लौटकर खेती-बाड़ी में फिर से सक्रिय हो चुके हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने बताया कि बीएसएफ से सेवानिवृत्ति के बाद हंसराज अपने पुश्तैनी खेती के कार्य में जुट गए थे। इसी दौरान उन्हें जीभ के नीचे लगातार असहनीय दर्द रहने लगा। प्रारंभिक जांच के बाद उनके भतीजे, जो स्वयं ईएनटी विशेषज्ञ हैं, ने बिना समय गंवाए उन्हें बीकानेर स्थित आचार्य तुलसी कैंसर अनुसंधान केंद्र जाने की सलाह दी।

आचार्य तुलसी कैंसर अनुसंधान केंद्र में वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ डॉ. राजेश सिंवर के निर्देशन में उनकी आवश्यक जांचें करवाई गईं। वर्ष 2018 में कैंसर की पुष्टि होने पर उपचार तत्काल शुरू किया गया। चिकित्सकों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि समय पर और नियमित उपचार से इस बीमारी पर विजय प्राप्त की जा सकती है।

हंसराज बताते हैं कि जब उन्हें कैंसर होने की जानकारी मिली तो उन्होंने स्वयं से एक ही बात कही—मरेगा तो कैंसर ही, मैं नहीं। यही संकल्प उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। उन्होंने उपचार के प्रत्येक चरण में चिकित्सकों की सलाह का पूरी निष्ठा से पालन किया। तंबाकू, बीड़ी, अल्कोहल सभी व्यसनों का पूर्ण त्याग कर दिया। कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी उनका उपचार बिना रुके जारी रहा और धीरे-धीरे उनकी स्वास्थ्य स्थिति में लगातार सुधार होता गया।

उपचार के दौरान उन्हें राज्य सरकार की निःशुल्क जांच, निःशुल्क दवा एवं अन्य स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिला, जिससे आर्थिक चिंता उपचार के बीच बाधा नहीं बनी। नियमित फॉलोअप और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी के बाद अब उनका कैंसर पूरी तरह ठीक हो चुका है तथा सभी दवाइयां भी बंद हो चुकी हैं।

आज हंसराज फिर से अपने खेतों में बुवाई, सिंचाई और खेती-बाड़ी के कार्यों में पूरे उत्साह के साथ जुटे हुए हैं। उनका कहना है कि जिस साहस और अनुशासन के साथ उन्होंने बीएसएफ में देश की सेवा की, उसी जज्बे के साथ कैंसर जैसी बीमारी का भी सामना किया। वे सभी मरीजों से अपील करते हैं कि कैंसर का नाम सुनकर घबराएं नहीं, बल्कि समय पर जांच कराएं, उपचार पूरा लें और चिकित्सकों की सलाह का पालन करें।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने आमजन से अपील की कि शरीर में किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर जांच में विलंब न करें, क्योंकि समय पर शुरू किया गया उपचार ही कैंसर पर विजय का सबसे प्रभावी माध्यम है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव