गुरु पूर्णिमा पर शहर में बही आस्था की बयार
जोधपुर, 29 जुलाई (हि.स.)। गुरु-शिष्य के प्रेम, आदर और स्नेह के प्रतीक गुरु पूर्णिमा पर्व पर बुधवार को शहर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। इस अवसर पर शहर के विभिन्न गुरु पीठों, मठों और आश्रमों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए गुरु पूर्णिमा की प्रसादी का भी आयोजन किया गया।
सनातन धर्म संस्कृति व साधक जीवन के मुख्य पर्व गुरु पूर्णिमा पर्व पर धार्मिक स्थानों एवं गुरुजनों के मठों व आश्रमों में रूद्राभिषेक, पादुका पूजन एवं गुरु पूजन सहित अनेक धार्मिक कार्यक्रम हुए। गुरु और शिष्य के इस पावन पर्व पर शहर के अजनेश्वर आश्रम, दादा दरबार सिद्धनाथ, परमहंस किशनागिरी खरज आश्रम, मंडोर शंकर मठ, रामद्वारा में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। कायलाना रोड स्थित लोकेशधाम में ब्रह्मलीन आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लोकेशानंद गिरी महाराज की पावन स्मृति में उनकी चरण पादुकाओं का विधिवत पूजन एवं आराधना श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुई। पूजन कार्यक्रम पंडित महेंद्र एवं पंडित सत्यनारायण के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान गुरु महिमा, सनातन धर्म की परंपरा तथा गुरु-शिष्य संबंध के महत्व पर प्रकाश डाला गया। श्रद्धालुओं ने पुष्प, चंदन एवं अक्षत अर्पित कर ब्रह्मलीन आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लोकेशानंद गिरी महाराज को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। तखतसागर की पहाडिय़ों में संतों की तपोभूमि सिद्धनाथ पीठ में नारायण स्वामी, नेपाली बाबा सहित तमाम गुरुजनों की समाधिओं पर फूल मंडली की गई और आरती हुई। यहां गुरु पूर्णिमा पर्व के उपलक्ष में मेला भरा गया। सुबह गुरु पादुका पूजन व धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इसके बाद दिनभर श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी रहा। गुफा में कमल गिरी महाराज और बालक गिरी महाराज का गुरु भक्तों द्वारा चरण पूजन किया गया। अखिल भारतीय सैन भक्ति पीठ की ओर सैनाचार्य अचलानंदगिरि के सान्निध्य में रातानाडा माहेश्वरी भवन में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान सामाजिक सरोकार के तहत लोगों को नशा छोडने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों ने सैनाचार्य का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के तहत गुरु पादूका पूजन, हवन, गुरु दीक्षा, अभिषेक, सम्मान समारोह, गुरु पूजन सहित अनेक धार्मिक कार्यक्रम हुए। सूरसागर स्थित बड़ा रामद्वारा में गुरु पूर्णिमा उत्सव महन्त डॉ. रामप्रसाद के सानिध्य में मनाया गया। रामद्वारा में गादी, देवल, समाधि पूजन व गुरुपूजन के लिए मारवाड़ सहित देश के विभिन्न शहरों से श्रद्धालु जोधपुर पहुंचे।
किला रोड स्थित प्राचीन गुंदेश्वर महादेव मंदिर में अघोरी बाबा ज्योतिर्ष गुरु विकास महाराज के सानिध्य में गुरु पूजन महोत्सव का आयोजन हुआ। इस अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच 101 किलो पंचामृत एवं पुष्पों से भगवान शिव का विशेष अभिषेक किया गया। आयोजन के मुख्य संयोजक समाज सेवी पुरषोतम मूंदड़ा ने बताया कि आयोजन के दौरान सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन, गुरु पूजन तथा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कामाख्या धाम से पधारे कपालिक अघोरी साधक ज्योतिर्ष गुरु विकास महाराज का आध्यात्मिक सानिध्य रहा। गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम में सुबह गुरु पूजन, रुद्राभिषेक, भैरव पूजा की गई। अध्यात्म विज्ञान सत्संग केंद्र जोधपुर आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि महोत्सव के दौरान गुरु पूजन, ध्यान, संजीवनी मंत्र जप, सत्संग, भजन-कीर्तन एवं महाप्रसाद सहित विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कमला नेहरू नगर स्थित भारत समन्वय धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक गरिमा के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारतमाता मंदिर, हरिद्वार के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज के पावन श्रीविग्रह का पूजन एवं गुरु चरणपादुका पूजन महोत्सव संपन्न हुआ। समन्वय परिवार जोधपुर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुनाथ सांखला ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह परिसर स्थित भगवान मनकामेश्वर महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक से हुआ। इसके उपरांत सुंदरकाण्ड पाठ का किया गया। दोपहर मेें वेदव्यास पूजन, गुरु चरणपादुका पूजन एवं आरती संपन्न हुई।
कबीर आश्रम माधोबाग में महंत ज्योतिषाचार्य सुरजाराम महाराज साहेब सत्संग मंडल के तत्वावधान में गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा, भक्ति व उत्साह के साथ मनाया गया। आश्रम के गादीपति गुरुदेव डॉ. रूपचंददास महाराज के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरु वंदना की। आश्रम के प्रवक्ता इंजीनियर लक्ष्मीचंद धारिवाल ने बताया कि इस दौरान सभी शिष्यों एवं भक्तों ने गुरुदेव की चरण पादुका का विधि-विधान से पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

