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रक्तदान से बड़ा कोई उपहार नहीं, 35वीं बार रक्त देकर अरविंद ने पेश की मिसाल

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रक्तदान से बड़ा कोई उपहार नहीं, 35वीं बार रक्त देकर अरविंद ने पेश की मिसाल


जयपुर, 17 सितंबर (हि.स.)। रक्तदान केवल रक्त देने का कार्य नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने का संकल्प है। इसी भावना को साकार करते हुए गुरुवार को जयपुर के राजकीय जयपुरिया अस्पताल में विकसित भारत-जनसेवा अभियान के तहत रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में रक्तदान करने पहुंचे लोगों का उत्साह देखते ही बना। प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने शिविर का अवलोकन कर रक्तदाताओं से बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया।

शिविर के दौरान 35वीं बार रक्तदान करने वाले अरविंद कुमार विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। राठौड़ ने उनसे विशेष रूप से बातचीत कर नियमित रक्तदान के उनके संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। नियमित रक्तदाताओं की सहभागिता से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।

प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित

प्रमुख शासन सचिव ने रक्तदान करने वाले लोगों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानव सेवा की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। रक्तदान का प्रत्येक प्रयास किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना, प्रसव, गंभीर बीमारियों, शल्य चिकित्सा और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में स्वस्थ एवं पात्र व्यक्तियों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने आमजन से नियमित रक्तदान करने तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

शिविर में जयपुरिया अस्पताल प्रशासन के अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंगकर्मी एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित