ग्राम विकास चौपालों के जरिए गांव-गांव पहुंचे मुख्यमंत्री, ग्रामीणों से सीधा संवाद कर दिए विकास के निर्देश
जयपुर, 23 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के गांवों तक जनसंवाद और सुशासन को पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को नई पहचान दी है। प्रतापगढ़ के बम्बोरी, सीकर के जाजोद, अजमेर के कड़ेल, जालोर के पंसेरी, जयपुर के ठिकरिया, बांसवाड़ा के चुड़ादा तथा डूंगरपुर के धम्बोला गांव में आयोजित चौपालों में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री की इस पहल ने ग्रामीणों में सरकार के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री ने चौपालों के दौरान किसानों, महिलाओं, युवाओं, पशुपालकों और आमजन से खुलकर बातचीत की। उन्होंने खेती-किसानी, पशुपालन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री गांवों में रात्रि विश्राम के बाद सुबह भ्रमण पर भी निकले और आमजन से सीधे फीडबैक लिया।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की इस कार्यशैली की सराहना करते हुए इसे संवेदनशील और जनहितैषी बताया।
चौपालों में प्रगतिशील किसानों ने जैविक और आधुनिक खेती के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार की योजनाओं से उनकी आय में वृद्धि हुई है। महिलाओं ने राजीविका समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की कहानी सुनाई। वहीं युवाओं ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपरलीक पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। पशुपालकों ने मोबाइल वेटरनरी यूनिट, मंगला पशु बीमा योजना और दुग्ध उत्पादक संबल जैसी योजनाओं को लाभकारी बताया।
सीकर जिले के जाजोद गांव में खिलाड़ियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने खंडेला में खेल स्टेडियम खोलने की घोषणा की। वहीं बालिकाओं की विज्ञान संकाय शुरू करने की मांग को तुरंत स्वीकृति देते हुए अधिकारियों को आदेश जारी करवाए। इसी दौरान एक वीरांगना की भावनात्मक अपील पर भीलवाड़ा में कार्यरत उनके पुत्र की प्रतिनियुक्ति के आदेश भी तत्काल जारी किए गए।
अजमेर जिले के पुष्कर क्षेत्र स्थित कड़ेल गांव में मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत करने की घोषणा की। साथ ही अतिरिक्त बस सेवा शुरू करने और बालिका विद्यालय की चारदीवारी निर्माण के निर्देश अधिकारियों को दिए। जालोर जिले के पंसेरी गांव में चौहटा पर आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर विभिन्न सड़कों के उन्नयन, खेल स्टेडियम के लिए भूमि चिन्हीकरण, एनीकट निर्माण की व्यवहार्यता रिपोर्ट, सब्जी मंडी निर्माण और पशु चिकित्सालय के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए।
बांसवाड़ा जिले के चुड़ादा गांव में आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने राजीविका समूहों के लिए सीएलएफ कार्यशाला और उत्पाद पैकेजिंग यूनिट स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही हीरन नदी पर एनीकट निर्माण और पेयजल स्रोत विकसित करने की दिशा में कार्यवाही के आदेश जारी किए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कुशलगढ़ के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर एपीओ कार्रवाई भी की गई।
मुख्यमंत्री की पहल पर ग्राम चुड़ादा में मामा बालेश्वर दयाल मंदिर परिसर में इंटरलॉकिंग और सौंदर्यीकरण के लिए 7 लाख रुपये, गांव ठुम्मठ में मां-बाड़ी केंद्र निर्माण के लिए 16.20 लाख रुपये तथा ठुम्मठ चौराहे पर सिंगल फेज ट्यूबवेल निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की तत्काल स्वीकृति जारी की गई। इसके अलावा विद्यालय में दो नए कक्षा-कक्षों के निर्माण और दूध संकलन केंद्र की स्थापना के निर्देश भी दिए गए।
चुड़ादा गांव में सुबह भ्रमण के दौरान रोशनी कलाल ने अपने सेरेब्रल पाल्सी पीड़ित पुत्र की स्थिति बताते हुए पति के स्थानांतरण की मांग की। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहायक अभियंता हेमेंद्र कुमार कलाल का पदस्थापन सागवाड़ा से बांसवाड़ा कर दिया गया। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता की ग्रामीणों ने सराहना की।
डूंगरपुर जिले के धम्बोला गांव में मुख्यमंत्री ने तालाब विकास कार्यों, खेल सुविधाओं के विस्तार और विद्यालय में नए कक्षा-कक्षों के निर्माण के निर्देश दिए। इससे पहले उन्होंने बांसवाड़ा और डूंगरपुर में जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक लेकर कृषि, पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा, बिजली और पानी से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ग्राम विकास चौपाल अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांवों तक सुशासन पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। चौपालों के जरिए मुख्यमंत्री गांवों की वास्तविक स्थिति जान रहे हैं, योजनाओं की जमीनी हकीकत परख रहे हैं और मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देकर विकास कार्यों में तेजी ला रहे हैं। उनकी यह पहल गांव, गरीब, किसान, महिला और युवा को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए विकसित राजस्थान के संकल्प को मजबूती प्रदान कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

