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जन्माष्टमी पर गोविंददेवजी में उमड़ेगा आस्था का सैलाब

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जन्माष्टमी पर गोविंददेवजी में उमड़ेगा आस्था का सैलाब


जयपुर, 02 सितंबर (हि.स.)। छोटी काशी जयपुर सहित देशभर में इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी। अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के विशेष संयोग के कारण वैष्णव, स्मार्त और औदायिक मतावलंबी एक ही दिन कान्हा का जन्मोत्सव मनाएंगे। शहर के मंदिरों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आराध्यदेव गोविंददेवजी मंदिर में मुख्य आयोजन होगा। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा, दर्शन, यातायात और पार्किंग की विशेष व्यवस्था की है।

पंडित बनवारी लाल शर्मा के अनुसार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 3 सितंबर की रात 1.33 बजे शुरू होकर 4 सितंबर की रात 11.13 बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 3 सितंबर की रात 12.45 बजे शुरू होकर 4 सितंबर की रात 11.12 बजे तक रहेगा। अष्टमी और रोहिणी के इस विशेष संयोग के चलते तीनों मतों में जन्माष्टमी 4 सितंबर को ही मनाई जाएगी। धर्मसिंधु के अनुसार मध्यरात्रि में व्याप्त अष्टमी जन्माष्टमी के लिए ग्राह्य मानी गई है।

गोविंददेवजी मंदिर में 4 सितंबर को तड़के 4.30 बजे मंगला झांकी के साथ दर्शन शुरू होंगे। जन्माष्टमी पर ठाकुरजी को पीली रेशमी पोशाक और विशेष अलंकरण धारण कराया जाएगा। पोशाक पर राजस्थानी गोटा-पत्ती का बारीक काम किया गया है। मंदिर परिसर को ‘बधाई है’ और सातिया की पताकाओं से सजाया गया है। मुख्य द्वार और निकास पर शहनाई की धुन श्रद्धालुओं का स्वागत करेगी।

रात 10 से 11 बजे तक जन्माष्टमी व्रत कथा होगी। मध्यरात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म के अवसर पर 31 तोपों की सलामी और आतिशबाजी के बीच जन्माभिषेक के दर्शन खुलेंगे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शालिग्रामजी पूजन और पंच द्रव्य पूजन के बाद ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक होगा।

अभिषेक में 425 लीटर दूध, 365 लीटर दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद का उपयोग होगा। अभिषेक के बाद पंजीरी लड्डू, खीरसा और रबड़ी का भोग लगाया जाएगा। श्रद्धालुओं को निशुल्क पंचामृत और पंजीरी का प्रसाद वितरित किया जाएगा। इसके लिए जय निवास उद्यान में प्रसादी मंच बनाया गया है।

गोविंददेवजी मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश केवल जलेब चौक स्थित बांदरवाल गेट से होगा। अन्य मार्गों से मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जलेब चौक पर दर्शन पासधारकों, बिना जूते-चप्पल आने वाले और जूते-चप्पल के साथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें रहेंगी। जगमोहन के लिए भी अलग व्यवस्था की जाएगी।

मंदिर और छावनी क्षेत्र में जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था नहीं होगी। श्रद्धालुओं को इन्हें अपने वाहनों में छोड़कर आने अथवा पुरानी विधानसभा के पास बनाए गए स्टैंड का उपयोग करने की सलाह दी गई है। प्रवेश से दर्शन और निकासी तक श्रद्धालुओं को करीब 5 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है। दर्शन के बाद निकासी जय निवास बाग के पूर्वी और पश्चिमी गेट से होगी। प्रवेश मार्ग की ओर वापस जाने की अनुमति नहीं होगी।

भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए करीब एक हजार कार्यकर्ता तथा एक हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। 10 मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेड और एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं।

जन्माष्टमी पर चारदीवारी क्षेत्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद रहेगा। जेसीटीएसएल की सिटी बसों का परकोटे में प्रवेश नहीं होगा। ई-रिक्शा, ऑटो, ई-ऑटो और हल्के मालवाहकों का संचालन भी परकोटा क्षेत्र, एमआई रोड पर गवर्नमेंट हॉस्टल से मिनर्वा, अशोका मार्ग से यादगार और रामनिवास बाग के भीतर प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं से मेट्रो का अधिकतम उपयोग करने की अपील की गई है।

यातायात पुलिस उपायुक्त योगेश गोयल के अनुसार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए QR कोड आधारित डिजिटल सुविधा जारी की गई है। इसे स्कैन करने पर नजदीकी पार्किंग स्थल, पार्किंग की लाइव उपलब्धता, यातायात डायवर्जन, वैकल्पिक मार्ग और स्थानीय मानचित्र की जानकारी मिल सकेगी।

तालकटोरा रोड, झूलेलाल मार्ग तिराहा, पर्यटक थाना तिराहा, ग्लोब ट्रांसपोर्ट से गोविंददेवजी मंदिर, बांदरवाल गेट से जलेब चौक, बड़ी चौपड़ से सुभाष चौक और शार्दुल सिंह की नाल से आतिश मार्केट-जलेब चौक तक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

बड़ी चौपड़ से जोरावर सिंह गेट तथा सुभाष चौक से बड़ी चौपड़ के बीच केवल पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही होगी। चांदपोल से छोटी चौपड़, अजमेरी गेट से छोटी चौपड़, चौगान चौराहा से छोटी चौपड़, छोटी चौपड़ से बड़ी चौपड़, रामनिवास बाग चौराहा से त्रिपोलिया टी-पॉइंट, सांगानेरी गेट से छोटी चौपड़ तथा गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहा से गुरुद्वारा मोड़ तक सामान्य वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

श्रद्धालुओं के लिए रामनिवास बाग भूमिगत पार्किंग, चौगान स्टेडियम, पुराना पुलिस मुख्यालय परिसर, जौहरी बाजार, चौड़ा रास्ता, किशनपोल बाजार, त्रिपोलिया बाजार, रामलीला मैदान, राधा गोविंद राजकीय कॉलेज के पास तथा राष्ट्रीय आयुर्वेदिक संस्थान के पास पार्किंग व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं से रामनिवास बाग पार्किंग का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है।

एमआई रोड पर गवर्नमेंट हॉस्टल से सांगानेरी गेट, अशोका मार्ग और परकोटे के मुख्य बाजारों में निर्धारित पार्किंग के अलावा नो-पार्किंग व्यवस्था रहेगी।

मानसरोवर स्थित इस्कॉन मंदिर के आसपास इस्कॉन मंदिर तिराहा, वंदे मातरम रोड और इस्कॉन तिराहा-मुहाना मंडी की ओर जाने वाले सामान्य यातायात को समानांतर मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा। गोवर्धन हाइट्स से इस्कॉन मंदिर और मुहाना मंडी की ओर भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। खरबास सर्किल से भी मंदिर की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।

जगतपुरा स्थित अक्षय पात्र मंदिर के लिए बॉम्बे अस्पताल चौराहा से भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। जीवन रेखा अस्पताल तिराहा, एनआरआई चौराहा, डी-मार्ट चौराहा, द्वारकापुरी सर्किल और एसबीआई तिराहा से मंदिर की ओर आने वाले सामान्य यातायात को समानांतर मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा। ज्ञान विहार मार्ग तिराहा से अक्षय पात्र मंदिर की ओर यातायात पूरी तरह बंद रहेगा।

सुरक्षा के मद्देनजर श्रद्धालुओं से बैग, थैले, लेडीज पर्स, कीमती सामान, लैपटॉप, कैमरा, फल, मिठाई, नारियल और बाहर से प्रसाद नहीं लाने की अपील की गई है। हेलमेट भी वाहन में ही रखने को कहा गया है।

बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों तथा हृदय, बीपी, डायबिटीज और सांस संबंधी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को भीड़ से बचने की सलाह दी गई है। ऐसे श्रद्धालु गोविंदम ऐप या मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव दर्शन कर सकते हैं। श्रद्धालुओं से पानी की बोतल साथ रखने, धक्का-मुक्की से बचने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है। संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु दिखाई देने पर तत्काल पुलिस या मंदिर प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है।

गोविंददेवजी के अलावा गोपीनाथजी, राधा-दामोदरजी, ब्रजनिधि, आनंद कृष्ण बिहारी, राधा माधवजी, नटवरजी, कुंज बिहारीजी, श्री गोपालजी नागा, तालाब वाले श्री गोपालजी, मुरली मनोहरजी और रोपाड़ा गोपालजी मंदिरों में भी जन्माष्टमी उत्सव होंगे। श्रीकृष्ण बलराम मंदिर में कर्नाटक से मंगाए फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा।

गुप्त वृन्दावन धाम में रंग-बिरंगी रोशनी, दिनभर महामंत्र जाप-कीर्तन और मध्यरात्रि में महाआरती होगी। गोपीनाथजी मंदिर, राधा-दामोदरजी, लक्ष्मीनारायण मंदिर, कनक वृंदावन स्थित राधा गोविंददेवजी मंदिर, महेश नगर, मानसरोवर सहित अन्य मंदिरों में भी विशेष सजावट और धार्मिक कार्यक्रम होंगे। इस्कॉन मंदिर में विशेष लीलाएं, भजनामृत और प्रवचन आयोजित किए जाएंगे।

जन्माष्टमी के अगले दिन 5 सितंबर को शाम 4 बजे गोविंददेवजी मंदिर से शोभायात्रा निकलेगी। यह जलेब चौक, सिरहड्योढ़ी बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, सांगानेरी गेट, बापू बाजार, न्यूगेट, चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, चांदपोल बाजार और बगरू वालों के रास्ते से होते हुए गोपीनाथजी मंदिर पहुंचेगी। शोभायात्रा के दौरान यातायात और सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम रहेंगे।

जिला कलक्टर संदेश नायक ने संबंधित विभागों को जन्माष्टमी और शोभायात्रा के दौरान सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस को सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात और पार्किंग के साथ शोभायात्रा मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल लगाने को कहा गया है।

नगर निगम को सफाई, रोशनी, कचरा प्रबंधन, पेयजल, अतिक्रमण हटाने और बैरिकेडिंग की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सा विभाग को प्रमुख मंदिरों और शोभायात्रा मार्ग पर एम्बुलेंस व मेडिकल टीमें तैनात करने तथा विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और ढीले तार दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश