home page

सभी पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: गहलोत

 | 
सभी पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: गहलोत


जयपुर, 06 मार्च (हि.स.)। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने लगभग 10.5 लाख नए लाभार्थियों को पेंशन योजना से जोड़ा है। साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर 1450 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है।

मंत्री गहलोत प्रश्नकाल के दौरान विधायक भगवाना राम सैनी द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा पात्र लाभार्थियों के नाम पेंशन सूची से नहीं हटाए गए हैं। सभी श्रेणियों के पात्र और सत्यापित लाभार्थियों को दिसंबर 2025 तक की सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि कुल 1100 करोड़ रुपये में से मात्र 4.56 करोड़ रुपये की राशि शेष है, जिसके भुगतान के लिए सत्यापन प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 के बाद प्रदेश में 2 लाख 90 हजार 49 पेंशनर्स की रुकी हुई पेंशन को फिर से शुरू किया गया है। झुंझुनूं जिले में 4 हजार 945 पेंशन प्रकरण पुनः प्रारंभ किए गए हैं। वर्ष 2021 से अब तक विभिन्न कारणों से प्रदेश में 1 लाख 78 हजार 979 लाभार्थियों की पेंशन रुकी थी, जिनमें से लगभग 40 हजार पेंशनर्स की पेंशन दोबारा शुरू कर दी गई है।

मंत्री ने कहा कि पेंशनर्स के सत्यापन के बाद उनकी पेंशन पुनः प्रारंभ की जाती है और रोकी गई अवधि का एरियर भी दिया जाता है। लाभार्थी अपनी पेंशन रुकने के कारणों की जानकारी ई-मित्र और एसएसओ पोर्टल पर प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में पेंशन पात्र व्यक्तियों को लाभ दिलाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों के वार्षिक भौतिक सत्यापन के लिए विशेष ग्राम सभाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वर्ष 2023 के बाद ‘गिव अप अभियान’ चलाकर आय और आयु के आधार पर अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाकर पात्र लोगों को योजना से जोड़ा गया है।

विधायक सैनी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि जनवरी 2026 की पेंशन के बिल प्रोसेस कर भुगतान के लिए कोषालय को भेज दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि पेंशनर्स की मृत्यु, राज्य से पलायन, परिवार के सदस्य का सरकारी सेवा में चयन या विधवा पुनर्विवाह जैसे कारणों से अपात्रता होने पर पेंशन रोकी जाती है। यदि लाभार्थी इस निर्णय से संतुष्ट नहीं होते हैं तो पात्रता जांच के बाद पेंशन पुनः शुरू कर दी जाती है और रोकी गई अवधि का एरियर भी दिया जाता है।

मंत्री गहलोत ने बताया कि जनआधार में बैंक खाता विवरण या आईएफएससी त्रुटि, ई-मित्र स्तर पर गलत प्रविष्टि या अन्य कारणों से कुल 1 लाख 74 हजार 159 लाभार्थियों की पेंशन रोकी गई थी। जनआधार डेटा अपडेट होने के बाद इनमें से 40 हजार 167 पेंशनर्स की पेंशन दोबारा शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना जनाधार आधारित सत्यापन और केंद्रीकृत भुगतान प्रणाली के तहत राजएसएसपी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित की जा रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित