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राष्ट्रीयता का सजग प्रहरी है पांचजन्य- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

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राष्ट्रीयता का सजग प्रहरी है पांचजन्य- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


राष्ट्रीयता का सजग प्रहरी है पांचजन्य- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


जयपुर, 13 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता तथा निर्णय में गति से जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही सुशासन की पहचान है। इसी संकल्प के साथ हमारी सरकार शासन को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाते हुए सरकारी सेवाओं को हर नागरिक तक सहजता से पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री गुरुवार को पांचजन्य के सुशासन संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पांचजन्य भारत की राष्ट्रचेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय विचारधारा की सशक्त आवाज रहा है। स्वाधीन भारत की यात्रा के प्रत्येक मोड़ पर पांचजन्य राष्ट्रीयता के सजग प्रहरी की भूमिका निभाते हुए राष्ट्र निर्माण के यज्ञ में सतत आहुति दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हमेशा राष्ट्रसेवा की परंपरा को निभाते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग को संगठित करने और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित होने की प्रेरणा दी है। पांचजन्य के मार्गदर्शक पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय चिंतन को एकात्म मानववाद का दर्शन दिया था। उन्होंने कहा कि 1948 में पांचजन्य की साप्ताहिक प्रकाशन से शुरूआत पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के संपादन में हुई। उनकी स्मृति, नेतृत्व, ज्ञान, पवित्र हृदय, राष्ट्र के प्रति उनके शब्द प्रेरणादायी थे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण की योजनाओं से लेकर आतंकवाद-नक्सलवाद का खात्मा एवं दुनिया में बढ़ता भारत का गौरव सभी ने देखा है। जन-धन योजना के जरिए देश के करोड़ों लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा तथा जीएसटी जैसे बड़े टैक्स सुधार से देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ, वहीं अनुच्छेद 370 को समाप्त किया गया। आज का नया भारत दुश्मन को उसके घर में घुस कर मारता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र को धरातल पर उतारते हुए काम कर रही है। इसी दिशा में 181 राजस्‍थान सम्पर्क अंतिम व्यक्ति की बात सरकार तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। इस पोर्टल पर जून माह में ही करीब 4 लाख 90 हजार शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। राजस्थान सम्पर्क के माध्यम से जन समस्याओं की समग्र निस्तारण दर 99.17 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की ड़बल इंजन की सरकार, गरीब, किसान, युवा और महिला के सशक्तीकरण के लिए कृतसंकल्पित है। हमारी सरकार ने किसान सम्मान निधि की राशि 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये की है। गरीब कल्याण की दिशा में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को बढ़ाकर 1 हजार 450 रुपये प्रतिमाह किया गया है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना में 4 लाख 40 हजार से अधिक आवास बने हैं। राज्य सरकार ने बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 14 लाख साइकिलें तथा 46 हजार छात्राओं को स्कूटी प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि मा वाउचर योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को निशुल्क सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के युवाओं को पेपरलीक के दंश से मुक्ति दिलाई है। सरकार बनते ही एसआईटी का गठन किया और पेपरलीक के दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम किया है। एसआईटी ने अब तक 569 लोगों को गिरफ्तार किया है। राज्य सरकार ने लगभग 1 लाख 78 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी हैं, जबकि 1 लाख 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है तथा 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा नौकरी लेने वाला ही नहीं, नौकरी प्रदाता भी बने। युवा अपने सपनों को पंख दें, राज्य सरकार उनके साथ हर कदम पर खड़ी है।

उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के बीच दूरी कम करने के लिए ग्राम विकास रथ अभियान संचालित किया गया। इसके माध्यम से प्रदेशभर में 14 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। इसी तरह मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-विकसित वार्ड अभियान के माध्यम से गांवों के सर्वांगीण विकास का रोड़मैप तैयार किया जा रहा है। हमारी सरकार ने सहकारी समितियों में लगभग 10 लाख नए सदस्यों को जोड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में पानी-बिजली की आवश्यकताओं को देखते हुए विस्तृत रोड़मैप तैयार किया। इसी दिशा में पूर्वी राजस्थान के लिए रामजल सेतु लिंक परियोजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। शेखावाटी के लिए दशकों से लंबित यमुना जल समझौते का मार्ग प्रशस्त किया। इसी तरह नर्मदा परियोजना, देवास परियोजना एवं गंग नहर के सुदृढ़ीकरण के लिए भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इन्हीं प्रयासों से राजस्थान आने वाले समय में जल आत्मनिर्भर बनेगा। साथ ही, राज्य सरकार सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली देने के लिए मिशन मोड पर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल, प्रांत सह संघचालक हेमंत सेठिया, भारत प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अरूण गोयल, पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर सहित अन्य गणमान्य, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर