मसीही समाज ने मनाया गुड फ्राइडे
जोधपुर, 03 अप्रैल (हि.स.)। विश्व को दया और प्रेम का संदेश देने वाले प्रभु यीशु का पुण्य बलिदान दिवस गुड फ्राइडे मसीही समाज की ओर से शुक्रवार को मनाया गया। इस अवसर पर शहर में कई कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। गिरजाघरों में धर्मगुरुओं ने प्रार्थना व आराधना की वहीं युवाओं ने रक्तदान किया।
शहर में मसीही समाज की ओर से दुख भोग सप्ताह (होली वीक) के तहत प्रभु यीशु को क्रूस पर चढ़ाए जाने का दिवस गुड फ्राइडे आज मनाया गया। गुड फ्राइडे के अवसर पर गिरजाघरों में प्रार्थना व आराधना की गई। इस दौरान प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ाए जाने और उनके द्वारा कही गई सात वाणियों पर प्रकाश डाला गया। शहर के प्रमुख एसएम चर्च और कुड़ी भगतासनी स्थित आराधनालय में दोपहर बारह से तीन बजे तक विशेष प्रार्थना हुई, जिसमें यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ाए जाने और उनकी सात वाणियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। एसएम चर्च में अमित कुमार श्रेष्ठ के साथ अतिथि वक्ता जौय विक्टर ग्रीन (गोरखपुर) ने प्रवचन दिया। वहीं कुड़ी आराधनालय में रेव्ह. अविनाश मैसी और अतिथि वक्ता सनी एस कुमार (उदयपुर) ने प्रभु यीशु की सात वाणियों का संदेश सुनाया। चर्च मीडिया प्रभारी नवीन पॉल और संजीव बहादुर ने बताया कि गुड फ्राइडे को ‘होली फ्राइडे’ भी कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन यीशु मसीह ने मानवता के पापों के उद्धार के लिए अपना बलिदान दिया था। गुड फ्राइडे केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि क्षमा, शांति और प्रेम का संदेश देने वाला दिन है। यह दिन त्याग, पश्चाताप और आशा का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर लोग उपवास रखते हैं और सादगीपूर्ण जीवन अपनाते हैं। इस दोरान सेंट एंड्रयूज हॉल में ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत अमित कुमार श्रेष्ठ ने प्रार्थना के साथ की। इस शिविर में विभिन्न चर्चों के लोगों ने भाग लिया और कुल 112 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जो जरूरतमंदों के लिए जीवनदायी साबित होगा। मसीह समाज में मान्यता है कि ईसा मसीह ने इस दिन हमें हमारे पापों से बचाने के लिए क्रूस पर अपना रक्त बहाया था ताकि हम सुरक्षित रह सकें। इसी तर्ज पर रक्तदान शिविर आयोजित किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

