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अजमेर में बनेगी देश की सबसे बड़ी गोट सीमन उत्पादन प्रयोगशाला

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अजमेर में बनेगी देश की सबसे बड़ी गोट सीमन उत्पादन प्रयोगशाला


जयपुर, 06 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश में पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने और बकरियों की उन्नत नस्ल विकसित करने की दिशा में राजस्थान सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय प्रवर्तित योजना नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (एनएलएम) के तहत अजमेर के रामसर स्थित राजकीय पशु प्रजनन फार्म में देश की सबसे बड़ी एवं अत्याधुनिक गोट सीमन उत्पादन प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। इस परियोजना पर 8.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार तथा 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी।पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि प्रयोगशाला में प्रतिवर्ष दो लाख सीमन डोज तैयार की जाएंगी। इसका उद्देश्य उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाले बकरों के सीमन के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देना तथा बकरियों की उत्पादकता और नस्ल सुधार सुनिश्चित करना है।प्रयोगशाला के तकनीकी संचालन के लिए राजस्थान सरकार ने उत्तर प्रदेश के पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान (डीयूवीएएसयू), मथुरा के साथ समझौता किया है। मंत्री कुमावत ने कहा कि यह साझेदारी राजस्थान के पशुपालन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी और रामसर फार्म को देश के प्रमुख गोट सीमन केंद्रों में शामिल करेगी। उन्होंने बताया कि राजस्थान में लगभग दो करोड़ बकरियां हैं, जो देश की कुल बकरी आबादी का करीब 16 प्रतिशत हैं। राज्य बकरियों की संख्या के आधार पर देश में दूसरे स्थान पर है। इस परियोजना से सिरोही, मारवाड़ी और जखराना जैसी प्रमुख बकरी नस्लों के आनुवंशिक सुधार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही राज्य के दूरदराज क्षेत्रों तक कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा पहुंचाई जा सकेगी।उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से तैयार सीमन के उपयोग से संक्रामक और आनुवंशिक रोगों की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। परियोजना के पूर्ण होने के बाद अजमेर का रामसर फार्म राष्ट्रीय स्तर के गोट सीमन उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित होगा, जिससे राजस्थान के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के पशुपालकों को भी लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक इस प्रयोगशाला को पूर्ण रूप से संचालित करना है।इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार मीना, राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के प्रबंधक डॉ. प्रीतपाल सिंह कालरा, डीयूवीएएसयू के कुलपति डॉ. अभिजीत मित्रा तथा गोट सीमन लैब प्रभारी डॉ. मुकुल आनंद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश