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गिरधर मार्ग से सत्येंद्र विद्यार्थी मार्ग तक 28 लाख की लागत से पाटा जाएगा गंदा नाला

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गिरधर मार्ग से सत्येंद्र विद्यार्थी मार्ग तक 28 लाख की लागत से पाटा जाएगा गंदा नाला


जयपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। शहर में खुले नालों से होने वाली गंदगी, बदबू और मच्छरों की समस्या से आमजन को राहत दिलाने के लिए नगर निगम की दिशा में काम करने जा रहा है। निगम की ओर से गिरधर मार्ग से सत्येंद्र विद्यार्थी मार्ग तक खुले पड़े गंदे नाले को पाटने की योजना तैयार की गई है। करीब 300 मीटर लंबे इस नाले को पाटने पर लगभग 28 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। निगम ने इसके लिए टेंडर सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं। जानकारी के अनुसार गिरधर मार्ग से सत्येंद्र विद्यार्थी मार्ग के बीच लंबे समय से गंदा नाला खुला पड़ा है। नाले में लगातार गंदा पानी जमा रहने के कारण आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध की समस्या बनी रहती है। वहीं नाले में पैदा होने वाले मच्छरों के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खुले नाले के कारण यहां आए दिन हादसे होने की आशंका भी बनी रहती है। बारिश के दौरान स्थिति और अधिक खराब हो जाती है तथा नाले के आसपास जलभराव और गंदगी की समस्या बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों की परेशानी को देखते हुए नगर निगम ने इस नाले को पाटने का निर्णय लिया है। निगम की योजना के तहत नाले को पूरी तरह कवर किया जाएगा, जिससे खुले नाले के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लग सकेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में सफाई व्यवस्था में भी सुधार आने की उम्मीद है। नाला ढकने के बाद आसपास रहने वाले लोगों को बदबू और मच्छरों से काफी हद तक राहत मिलने की संभावना है। मालवीय नगर एक्सईएन मदन मोहन शर्मा ने बताया कि नाले को पाटने का काम किया जाएगा। इसकों लेकर टेंडर सहित अन्य प्रक्रियाएं अपनाई जा रही है।

पार्किंग के रूप में होगा उपयोग

नाले को पाटने के बाद इसके ऊपर उपलब्ध स्थान का उपयोग पार्किंग के रूप में किए जाने की योजना है। इससे क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग की समस्या भी कम हो सकती है। वर्तमान में सड़कों और आसपास के स्थानों पर वाहनों के खड़े रहने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे में नाले को कवर कर उसके ऊपर पार्किंग विकसित करने से आमजन को दोहरा लाभ मिलने की उम्मीद है। निगम को मिलेगा राजस्व निगम अधिकारियों के अनुसार पार्किंग के रूप में विकसित किए जाने वाले स्थान से नगर निगम को राजस्व भी प्राप्त हो सकेगा। इससे एक ओर क्षेत्र की सफाई और सौंदर्यीकरण में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर निगम के लिए आय का नया स्रोत तैयार हो सकता है। करीब 28 लाख रुपए की लागत से होने वाले इस काम के बाद जमीन का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा। फिलहाल परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए टेंडर प्रक्रिया सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू किया जाएगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नाले के पाटे जाने से वर्षों से चली आ रही गंदगी और दुर्गंध की समस्या का समाधान होगा तथा क्षेत्र में सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण तैयार किया जा सकेगा। नाले को पाटने का काम अक्टूबर माह में शुरू होने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश