मुख्यमंत्री की भरतपुर यात्रा से पहले गहलोत ने नारी शक्ति योजना की बदहाली पर उठाए सवाल
जयपुर, 25 मई (हि.स.)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भरतपुर यात्रा को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए राज्य सरकार की फ्लैगशिप ‘मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना’ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और इसे प्रशासनिक शिथिलता तथा बैंकों की मनमानी का शिकार बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि मुख्यमंत्री कई महीनों बाद अपने गृह जिले भरतपुर के दौरे पर हैं, लेकिन उन्हें प्रदेशभर में दम तोड़ रही महिला उद्यमिता योजना की जमीनी हकीकत पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई योजना आज प्रभावी क्रियान्वयन के अभाव में पिछड़ती जा रही है।
गहलोत ने दावा किया कि महिला अधिकारिता विभाग द्वारा बैंकों को भेजे गए 2,546 से अधिक आवेदन लंबित पड़े हैं और प्रदेश के 10 बड़े बैंकों ने अब तक एक भी महिला को ऋण स्वीकृत नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये तक के ऋण देने के दावे किए गए थे, लेकिन वास्तविकता में महिलाओं को औसतन केवल 10.62 लाख रुपये का ऋण ही मिल पा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि योजना के निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं हो सके हैं और प्रदेश के 41 में से 23 जिले लक्ष्य से पीछे चल रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से भरतपुर जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का गृह जिला ही इस योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश में सबसे अंतिम पायदान पर पहुंच गया है।
गहलोत ने सरकार से मांग की कि केवल विज्ञापनों और दौरों तक सीमित रहने के बजाय बैंकों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि स्वरोजगार की उम्मीद लगाए बैठी महिलाओं और युवतियों का भरोसा व्यवस्था से कमजोर न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

