प्राकृतिक छटा, ऐतिहासिक विरासत और शांत वातावरण से पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है घेघड़ा झील
बीकानेर, 23 जुलाई (हि.स.)। जिला परिषद बीकानेर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलजा पांडेय ने छत्तरगढ़ के निकट स्थित प्राकृतिक पर्यटन स्थल घेघड़ा झील का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्त्व तथा पर्यटन विकास की संभावनाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि घेघड़ा अपनी प्राकृतिक छटा, ऐतिहासिक विरासत और शांत वातावरण के कारण पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यदि यहां मूलभूत सुविधाओं का समुचित विकास किया जाए तो यह जिले का पर्यावरण आधारित प्रमुख पर्यटन आकर्षण बन सकता है।
उन्होंने स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, बोटिंग,सूचना पट्ट, सुरक्षा, पहुंच मार्ग तथा पर्यटकों की सुविधा के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की एवं बताया कि जिला परिषद द्वारा इसके लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन योजना के तहत राज्य सरकार को प्रस्ताव भी भेजे हैं। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से सुझाव लेकर क्षेत्र के समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
पांडे ने कहा कि पर्यटन स्थलों का संरक्षण एवं विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराता है। उन्होंने अधिकारियों से पर्यटन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से विकास प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान विकास अधिकारी सुंदर लाल गोदारा, कनिष्ठ तकनीकी सहायक नईम उस्ता एवं संबंधित विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

