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गायत्री परिवार की अनूठी पहल: लकड़ी पर उकेरा गया ईको-फ्रेंडली आमंत्रण पत्र

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गायत्री परिवार की अनूठी पहल: लकड़ी पर उकेरा गया ईको-फ्रेंडली आमंत्रण पत्र


जयपुर, 21 अक्टूबर (हि.स.)। पर्यावरण संरक्षण और सनातन संस्कृति के अनूठे समन्वय की बानगी इन दिनों जयपुर में देखने को मिल रही है। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में गायत्री चेतना केन्द्र मुरलीपुरा की ओर से आगामी 25 से 27 दिसंबर तक मुरलीपुरा क्षेत्र में 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं युवा चेतना शिविर का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस धार्मिक और सांस्कृतिक महाकुंभ के आमंत्रण पत्र ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

बुधवार को एमआई रोड स्थित एक कार्यालय में इस अनूठे आमंत्रण पत्र का विधिवत विमोचन किया गया। गायत्री महामंत्र की पवित्र ऊर्जा और दिव्यता से सुसज्जित इस आमंत्रण पत्र का विमोचन हेल्थश्योर फाउंडेशन की संस्थापिका प्रियंका लवानिया एवं सह-संस्थापक विनय कुमार लवानिया ने किया।

आज के समय में किसी भी बड़े आयोजन के लिए छपने वाले कागज़ और प्लास्टिक के कार्ड कुछ ही दिनों में कचरा बन जाते हैं। लेकिन गायत्री परिवार ने इस परंपरा से हटकर एक क्रांतिकारी और पर्यावरण-हितैषी कदम उठाया है। यह आमंत्रण पत्र पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल है, जिसे विशेष तौर पर लकड़ी पर तैयार किया गया है। कागजी कार्डों के विपरीत, यह लकड़ी का निमंत्रण पत्र न तो फटेगा और न ही खराब होगा। यह सालों-साल लोगों के घरों की दीवारों की शोभा बढ़ाएगा। अपनी सुंदरता और कलात्मकता के कारण लोग इसे फेंकने के बजाय एक खूबसूरत धरोहर या सजावट की वस्तु के रूप में अपने पास संभाल कर रखेंगे।

विमोचन समारोह के दौरान हेल्थश्योर फाउंडेशन के संस्थापकों ने इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की और आगामी महायज्ञ में हरसंभव पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर गायत्री चेतना केन्द्र मुरलीपुरा के मनु महाराज ने आगत अतिथियों का अभिनंदन किया, जबकि जाने-माने समाजसेवी बजंग सिहाग ने सभी का आभार व्यक्त किया। यह अनूठा निमंत्रण पत्र न केवल एक धार्मिक आयोजन की सूचना दे रहा है, बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण का एक मजबूत संदेश भी दे रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश