सनातन ज्ञान और योग ही आधुनिक जीवनशैली की समस्याओं का समाधान- अनिता भदेल
अजमेर, 25 मई(हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी एवं विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, राजस्थान प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निशुल्क योग एवं प्राणायाम प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ सोमवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। यह शिविर आगामी 21 जून, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। शिविर का उद्देश्य आमजन को योग, प्राणायाम एवं भारतीय जीवन पद्धति से जोड़ते हुए स्वस्थ, अनुशासित और जागरूक समाज का निर्माण करना है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अजमेर दक्षिण विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिता भदेल उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि रोगी होने के बाद दवाइयों पर निर्भर रहने से बेहतर है कि हम योग के माध्यम से निरोगी जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ें। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, अनुशासित और सकारात्मक बनाने की वैज्ञानिक पद्धति है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली, अनियमित खानपान और भौतिक सुख-सुविधाओं की अंधी दौड़ ने मनुष्य को अनेक शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं की ओर धकेला है, किंतु भारत की सनातन परंपरा और महर्षि पतंजलि द्वारा प्रदत्त योग ज्ञान आज भी मानवता को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रहा है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे आलस्य और मन की गुलामी छोड़कर नियमित रूप से प्रातः 5:30 बजे शिविर में उपस्थित हों तथा अपने परिवार, मित्रों और बच्चों को भी साथ लेकर आएं। भदेल ने कहा कि यह शिविर पूरी तरह सेवा भावना से आयोजित किया जा रहा है और इसमें प्रशिक्षित योगाचार्यों द्वारा शास्त्रीय पद्धति से योगाभ्यास कराया जाएगा। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से विशेष आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र, वार्ड एवं बूथ स्तर तक इस अभियान का प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस स्वास्थ्य जागरण अभियान से जुड़ सकें।
कार्यक्रम के दौरान विवेकानंद केंद्र के प्रांत कार्य पद्धति प्रमुख डॉ. स्वतंत्र शर्मा ने शिविर की रूपरेखा एवं विशेष योजनाओं की जानकारी दी। डॉ. शर्मा ने कहा कि 21 जून तक के इस एक माह के नियमित अभ्यास से प्रतिभागी न केवल अपने स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव करेंगे, बल्कि स्वयं भी योग प्रशिक्षण देने में सक्षम बन सकेंगे।
कार्यक्रम में नगर प्रमुख अंकुर प्रजापति ने नागरिकों से अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनने का आग्रह करते हुए कहा कि यह केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अभियान नहीं, बल्कि समाज को निरोगी, जागरूक एवं सकारात्मक बनाने का सामूहिक प्रयास है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

