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केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान का 34वां स्थापना दिवस 27 को : शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में बागवानी अनुसंधान को बढ़ावा

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केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान का 34वां स्थापना दिवस 27 को : शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में बागवानी अनुसंधान को बढ़ावा


बीकानेर, 25 सितंबर (हि.स.)। केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान (ICAR-CIAH) द्वारा संस्थान का 34वां स्थापना दिवस समारोह 27 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। समारोह के मुख्य अतिथि कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के पूर्व सचिव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक डॉ. आर. एस. परोदा होंगे। समारोह की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. विश्व बंधु पटेल करेंगे।

निदेशक डॉ. विश्व बंधु पटेल ने बताया कि स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थान के पूर्व निदेशकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। पूर्व निदेशकों, वैज्ञानिकों, किसानों तथा कृषि विभागों के प्रतिनिधियों का एक मंच पर आना संस्थान की वैज्ञानिक विरासत को वर्तमान कृषि एवं बागवानी चुनौतियों तथा भविष्य की आवश्यकताओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

स्थापना दिवस समारोह संस्थान की उपलब्धियों के पुनरावलोकन के साथ भविष्य की अनुसंधान प्राथमिकताओं और विकसित भारत@2047 के संदर्भ में शुष्क बागवानी की नई दिशा निर्धारित करने का अवसर भी बनेगा। समारोह में संस्थान के वैज्ञानिक, तकनीकी एवं प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी, पूर्व निदेशक, कृषि वैज्ञानिक, विद्यार्थी, कृषक प्रतिनिधि तथा विभिन्न ICAR संस्थानों, कृषि एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों और राज्य कृषि विभागों के अधिकारी एवं वैज्ञानिक भाग लेंगे।

केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान देश के शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में बागवानी फसलों के अनुसंधान, विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा कृषक हितैषी नवाचारों के लिए समर्पित प्रमुख संस्थानों में से एक है।

संस्थान द्वारा शुष्क क्षेत्रों के लिए अनुकूलित फल एवं सब्जी फसलों, जल एवं संसाधन संरक्षण, जलवायु-स्मार्ट बागवानी, संरक्षित खेती, गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री, मूल्य संवर्धन तथा किसानों की आय बढ़ाने वाली प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।

स्थापना दिवस समारोह के दौरान संस्थान की वैज्ञानिक उपलब्धियों, विकसित प्रौद्योगिकियों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर भी प्रकाश डाला जाएगा।

मुख्य अतिथि डॉ. आर. एस. परोदा का मार्गदर्शन शुष्क क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के अनुरूप बागवानी विकास, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, किसानों की आय वृद्धि तथा कृषि अनुसंधान को जनोपयोगी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहेगा।

इस अवसर पर बीकानेर स्थित भाकृअनुप संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों तथा राजुवास आदि द्वारा प्रदर्शनी में भी भाग लिया जा रहा है।स्थापना दिवस समारोह के माध्यम से संस्थान अपने गौरवशाली अतीत का सम्मान करते हुए “शुष्क बागवानी के माध्यम से समृद्ध किसान, सुरक्षित पर्यावरण और आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को और मजबूत करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव