मावा-दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने की छापेमारी
जयपुर, 31 अक्टूबर (हि.स.)। त्योहारी सीजन में मावा, दूध और इनसे बनी मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए सघन जांच अभियान चलाया। शुक्रवार देर रात से शनिवार अलसुबह तक जयपुर प्रथम की खाद्य सुरक्षा अधिकारी टीम ने चिथवाड़ी मोड़ से घठवाड़ा क्षेत्र तक मावा निर्माण इकाइयों और दूध आपूर्ति केंद्रों का निरीक्षण कर कुल 14 नमूने लिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि कार्रवाई के दौरान मावा निर्माण प्रक्रिया, दूध की आवक, कच्चे माल की गुणवत्ता, खाद्य पदार्थों के निर्माण और भंडारण व्यवस्था की जांच की गई।
टीम ने घठवाड़ा गांव स्थित श्री बालाजी मावा भंडार, एसएस डेयरी, श्री श्याम मावा पनीर उद्योग, माहिर मावा भंडार (एनएच-1 दिल्ली रोड) और चिथवाड़ी मोड़ स्थित मैसर्स एमके एंटरप्राइजेज तथा अलंकार मावा पनीर भंडार सहित अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
वहीं इस कार्रवाई के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से मावा और मिश्रित दूध के 14 नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण में अधिकांश प्रतिष्ठानों पर साफ-सफाई और स्वच्छता संबंधी कमियां मिलीं। कई जगह खाद्य कारोबार से जुड़े कर्मचारियों के चिकित्सा फिटनेस प्रमाण-पत्र और परिसर की कीट नियंत्रण रिपोर्ट सहित आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे। इन अनियमितताओं पर एसएस डेयरी, मैसर्स एमके एंटरप्राइजेज, राजकुमार मावा वाले सहित अधिकांश प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सुधार नोटिस जारी किए गए।
खाद्य कारोबारियों को नियमित साफ-सफाई रखने, निर्माण एवं भंडारण में निर्धारित स्वच्छता मानकों की पालना करने, कर्मचारियों के चिकित्सा फिटनेस प्रमाण-पत्र रखने और नियमित कीट नियंत्रण करवाकर उसकी रिपोर्ट संधारित करने के निर्देश दिए गए।
डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि त्योहारी सीजन में मावा, दूध और इनसे बनी मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए जिले में निरीक्षण, नमूनीकरण और नियमानुसार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

