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श्रावण के प्रथम दिन शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब

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श्रावण के प्रथम दिन शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब


श्रावण के प्रथम दिन शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब


जयपुर, 30 जुलाई (हि.स.)। भगवान शिव की आराधना का पवित्र श्रावण मास गुरुवार से शुरू होते ही जयपुर सहित प्रदेशभर के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्म मुहूर्त से ही झारखंड महादेव, ताड़केश्वर महादेव, हाथोज धाम और शहर के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव', 'बम-बम भोले' और 'ॐ नमः शिवाय' के जयघोषों से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, पंचामृत, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और विश्व कल्याण की कामना की।

कालवाड़ रोड स्थित श्री दक्षिणमुखी बालाजी मंदिर परिसर, हाथोज धाम में श्रावण मास के प्रथम दिन भगवान श्री महाकालेश्वर महादेव का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगाजल से रुद्राभिषेक किया गया। श्री बालाजी जन कल्याण ट्रस्ट के तत्वावधान में पूरे श्रावण मास के दौरान 5100 लीटर पवित्र गंगाजल से प्रतिदिन भगवान महाकालेश्वर का रुद्राभिषेक किया जाएगा।

हाथोज धाम पीठाधीश्वर स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने बताया कि अभिषेक के लिए गंगाजल विशेष रूप से ऋषिकेश से मंगवाया गया है। श्रद्धालु पूरे सावन मास में प्रतिदिन भगवान महाकालेश्वर का गंगाजल से अभिषेक एवं पूजन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि श्रावण भगवान शिव का अत्यंत प्रिय मास है और इस दौरान रुद्राभिषेक करने से सुख, समृद्धि, आरोग्य तथा आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

उन्होंने बताया कि हाथोज धाम गुरुकुल के वैदिक ब्रह्मचारी प्रतिदिन वैदिक विधि-विधान से रुद्रपाठ एवं रुद्राभिषेक करेंगे। श्रावण पूर्णिमा तक प्रतिदिन गंगाजल अभिषेक, रुद्रपाठ और संध्या महाआरती होगी। पूरे माह भगवान महाकालेश्वर का बिल्वपत्र, आक और धतूरे से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। प्रत्येक सोमवार, प्रदोष एवं अमावस्या पर विशेष झांकी और भव्य महाआरती आयोजित होगी।

चौड़ा रास्ता स्थित प्राचीन ताड़केश्वर महादेव मंदिर में सुबह मंगला आरती के बाद भगवान शिव का 151 किलो दूध और 51 किलो देसी गाय के घी से महाभिषेक किया गया। मंदिर के पुजारी शक्ति व्यास और अमित व्यास ने बताया कि पूरे सावन माह में प्रतिदिन 51 किलो दूध से भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा। प्रतिदिन शाम को उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर विशेष श्रृंगार होगा। मंदिर में रोज रुद्रपाठ, अभिषेक, धार्मिक अनुष्ठान और विशेष झांकियों का आयोजन किया जाएगा।

झारखंड महादेव मंदिर, गोपालजी का रास्ता, गलता क्षेत्र सहित शहर के अनेक शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गलता जी से पवित्र जल लेकर विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने पहुंचे। मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया। भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों और स्वयंसेवकों ने दर्शन एवं सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की।

ज्योतिषाचार्य पंडित राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि इस बार श्रावण मास का प्रारंभ 'शिव वास योग' तथा बृहस्पति के उच्च राशि में स्थित होने जैसे दुर्लभ संयोग में हुआ है। ऐसा शुभ योग लगभग 12 वर्षों में एक बार बनता है। इस अवधि में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और भगवान शिव की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है।

उन्होंने बताया कि समुद्र मंथन के समय भगवान शिव द्वारा कालकूट विष का पान करने के बाद देवताओं ने उनकी उष्णता शांत करने के लिए जल एवं पंचामृत से अभिषेक किया था। तभी से सावन मास में शिवलिंग पर जलाभिषेक और पंचामृत अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है।

इस वर्ष श्रावण मास में चार सावन सोमवार पड़ेंगे—3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त। विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य एवं परिवार की सुख-समृद्धि के लिए चार मंगला गौरी व्रत रखेंगी।

सावन के साथ ही जयपुर में धार्मिक आयोजनों की भी शुरुआत हो गई है। 15 और 16 अगस्त को जयपुर राजघराने से पारंपरिक लाव-लश्कर के साथ तीज माता की शाही सवारी निकलेगी, जो देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी। राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से भी इसके विशेष आयोजन किए जाएंगे।

सावन मास का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन (श्रावणी पूर्णिमा) के साथ होगा। पूरे माह जयपुर सहित प्रदेशभर के शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महाआरती, भजन-कीर्तन, सत्संग, शिव महापुराण कथा एवं विभिन्न धार्मिक आयोजन निरंतर चलते रहेंगे। श्रावण के प्रथम दिन हाथोज धाम सहित शहर के सभी प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं ने 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ भगवान शिव की आराधना कर राष्ट्र, प्रदेश एवं समस्त मानवता के सुख, शांति और कल्याण की मंगल कामना की।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश