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जेलर के कृत्य पर होगी एफआईआर दर्ज, गहराई से होगी जांच— जेल अधीक्षक आर अनंतेश्वरन

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जेलर के कृत्य पर होगी एफआईआर दर्ज, गहराई से होगी जांच— जेल अधीक्षक आर अनंतेश्वरन


जेल के भीतर से वीडियो कॉलिंग मामला:

अजमेर, 8 अगस्त(हि.स.)। अजमेर सेंट्रल जेल अधीक्षक आर अनंतेश्वरन ने कहा कि जेल के भीतर से वीडियो कॉलिंग मामला बेहद गंभीर है। जेल के कैदियों की वीडियो कॉल पर बात मामले में जेलर की भूमिका और और कृत्य पर सिविल लाइन पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और इस मामले में गहराई से जांच होगी।

इस बीच जानकारी मिली है कि सेंट्रल जेल अजमेर के जेलर सद्दाम हुसैन को डीजी जेल अशोक राठौड़ ने निलंबित कर दिया है। निलंबन काल में उनका मुख्यालय श्री गंगानगर किया गया है। जेल में बंद अपराधी को वीडियो कॉल पर बात करवाने पर जेलर के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

गौरतलब है कि अजमेर सेंट्रल जेल के जेलर सद्दाम हुसैन की वजह से जेल में बंद मुस्लिम कैदियों की मौज हो रही है यह जेल की सुरक्षा के लिए खतरनाक स्थिति है। अजमेर में सेंट्रल जेल के साथ हाई सिक्योरिटी जेल भी है। इन दोनों जेलों में कैदियों के पास मोबाइल मिलना आम बात है। पिछले दिनों अजमेर की ही हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या की घटना भी हो चुकी है। इस घटना में साथी कैदी पर ही धोखे से गला दबाकर हत्या का आरोप है। लेकिन ताजा मामले में तो हद ही हो गई। हैरानी है जेल में बंद कैदी जेल के जेलर का मोबाइल ही इस्तेमाल कर रहे हैं और वह भी अपराध की दुनिया के नामचीन अपराधियों से।

अजमेर सेंट्रल जेल का उजागर हुए एक्सक्लूसिव वीडियो तो यही दर्शा रहा है इससे समूचे जेल प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों की पोल खुल गई है वहीं समूचे जेल महकमें की साख पर कालिख पुत गई है।

गंभीर और चिंता का विषय यह है कि इस मामले में जेलर सद्दाम हुसैन मुस्लिम कैदियों को अपने कक्ष में बुलाता है और फिर अपने मोबाइल से उनके रिश्तेदारों से संवाद करवाता है। अब एक ऐसा वीडियो उजागर हुआ है, जिसमें जेल में बंद ताहिर चिश्ती, उसका बेटा तौफीक चिश्ती और भांजा फखर चिश्ती जेलर सद्दाम हुसैन के कक्ष में बैठकर जेल से बाहर अपने रिश्तेदार फारुख चिश्ती से संवाद कर रहे हैं। नफीस चिश्ती ने इस वीडियो कॉलिंग के लिए जेलर सद्दाम का शुक्रिया अदा भी किया। आरोप है कि सद्दाम हुसैन जेलर के पद का फायदा उठाकर मुस्लिम कैदियों की बात मोबाइल पर उनके रिश्तेदारों से करवाता रहता है। ताजा मामला इसलिए भी गंभीर है कि तौफीक चिश्ती के संबंध बब्बर खालसा जैसे आतंकी संगठनों से भी रहे हैं। तौफिक चिश्ती पर आतंकी संगठनों को हथियार और ड्रग्स सप्लाई करने के आरोप है। ऐसे आरोपों में ही तौफिक चिश्ती पंजाब के जेलों में बंद रहा। तौफीक चिश्ती अपने पिता ताहिर चिश्ती के साथ अजमेर जेल में इसलिए बंद है कि उस पर अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह के खादिम हाजी बिलाल हुसैन चिश्ती पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। तीनों आरोपित सात वर्ष की सजा अजमेर जेल में काट रहे हैं।

सेंट्रल जेल के अधीक्षक आर अनंतेश्वरन ने मीडिया के सामने आकर कहा कि इस मामले में गंभीरता से जांच की जा रही है। जो भी कार्यवाही होगी अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश जेल में गलत तरह से मोबाइल ना जाए। लेकिन यदि कोई आफिशियल ही मोबाइल का गलत इस्तेमाल कर रहा है तो वह तकलीफ की बात है। हम इस मामले में तत्परता से जांच कर कार्यवाही की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष