सिलिकोसिस पीड़ितों की सहायता राशि लंबित, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार को घेरा
जयपुर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सिलिकोसिस पीड़ितों और उनके परिवारों को सरकारी सहायता नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सिलिकोसिस जैसी घातक बीमारी के कारण परिवार के मुखिया को खो चुके सैकड़ों परिवार आज भी आर्थिक सहायता का इंतजार कर रहे हैं। गहलोत के अनुसार, इनमें सबसे अधिक 125 मामले जोधपुर जिले के हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जीवित सिलिकोसिस पीड़ितों की स्वीकृत सहायता राशि भी अब तक जारी नहीं हुई है, जिसके चलते पीड़ित और उनके परिजन सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट साझा कर कहा कि उनकी कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2013 में सिलिकोसिस पीड़ितों के लिए चार लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया था। इसके बाद वर्ष 2019 में देश की पहली सिलिकोसिस नीति बनाई गई, जिसके तहत पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता, निःशुल्क उपचार और 1,500 रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान किया गया था।
गहलोत ने दावा किया कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच लगभग 35 हजार मरीजों को 911 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रदान की गई। उन्होंने यह भी बताया कि जोधपुर और दौसा में सिलिकोसिस पीड़ितों तथा उनके परिवारों से मुलाकात कर उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और सरकार को इनसे अवगत कराया।
गहलोत ने वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पीड़ित परिवारों को आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पत्थर की खदानों में काम करते हुए जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने में देरी होना गंभीर विषय है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार से मांग की कि सिलिकोसिस पीड़ितों और मृतकों के आश्रितों की लंबित सहायता राशि तत्काल जारी की जाए तथा कागजी और तकनीकी अड़चनों को दूर कर प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान की जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

