तीन सप्ताह बाद पिंजरे में कैद हुई मादा लेपर्ड
जयपुर, 19 सितंबर (हि.स.)। जवाहर नगर स्थित फॉरेस्ट ऑफिसर्स कॉलोनी में करीब तीन सप्ताह से घूम रही मादा लेपर्ड आखिरकार शनिवार को वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गई। लगातार मूवमेंट के चलते वन अधिकारियों और कॉलोनी के लोगों में चिंता बनी हुई थी। रेस्क्यू के बाद वन्यजीव पशु चिकित्सकों ने मादा लेपर्ड का मेडिकल परीक्षण किया। स्वस्थ पाए जाने पर उसे सुरक्षित रूप से आमागढ़ जंगल में रिलीज कर दिया गया।
एसीएफ जितेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार मादा लेपर्ड करीब तीन सप्ताह से फॉरेस्ट कॉलोनी में लगातार मूवमेंट कर रही थी। वह कभी वन अधिकारियों के बंगलों के आसपास तो कभी कॉलोनी के अन्य हिस्सों में दिखाई देती थी। इसी दौरान वह पीसीसीएफ हॉफ अरिजीत बनर्जी (आईएफएस) के बंगले के गार्डन तक भी पहुंच गई थी। इसके बाद कॉलोनी में रहने वाले वन अधिकारियों और आसपास के लोगों की चिंता बढ़ गई थी।
मादा लेपर्ड की लगातार गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरा लगाया। पीसीसीएफ हॉफ अरिजीत बनर्जी के निर्देश पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। टीम ने सुरक्षित तरीके से लेपर्ड को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए।
शनिवार को आखिरकार मादा लेपर्ड पिंजरे में कैद हो गई। इसके बाद वन विभाग की टीम उसे रेस्क्यू कर आमागढ़ क्षेत्र में लेकर पहुंची।
आमागढ़ पहुंचने के बाद वन्यजीव पशु चिकित्सकों की टीम ने मादा लेपर्ड का मेडिकल परीक्षण किया। जांच में स्वस्थ पाए जाने के बाद उसे आमागढ़ जंगल में सुरक्षित रूप से रिलीज कर दिया गया।
वन विभाग के अनुसार मादा लेपर्ड झालाना जंगल की ओर से निकलकर फॉरेस्ट ऑफिसर्स कॉलोनी के आबादी क्षेत्र में पहुंची थी। राहत की बात यह रही कि करीब तीन सप्ताह तक कॉलोनी में मूवमेंट के बावजूद उसने किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया और न ही किसी प्रकार की जनहानि हुई।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

