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निगम के नियमों में खामी परेशानी भुगत रहे व्यापारी

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निगम के नियमों में खामी परेशानी भुगत रहे व्यापारी


जयपुर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। नगर निगम प्रशासन ट्रेड लाइसेंस सहित अन्य कामों के नियमों में खामी छोड़कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे है। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार आमजन को राहत देने के लिए कामों का निपटारा ऑनलाइन करने और पारदर्शिता लाने के लिए लगातार विभागों को निर्देश दे रही है, लेकिन विभाग के अधिकारी मलाई के चक्कर में खामियों को दुरुस्त करने की बजाय व्यापारियों की परेशानी में दुगना इजाफा कर रहे है। किसी भी वाणिज्यक संस्थान, होटल, रेस्टोरेंट सहित के अन्य को काम करने के लिए ट्रेड लाइसेंस और फायर एनओसी लेना आवश्यक है। लेकिन निगम अधिकारी नियमों में खामी छोड़कर ऐसे कारोबारियों के सामने मुसीबत खड़ी कर रहे है।

ट्रेड लाइसेंस हो या फायर एनओसी हर बार कारोबारी या संस्थान मालिकों को हर बार नया आवेदन करना पड़ता है। अधिकारियों के कई महिनों तक चक्कर काटने के बाद उनका लाइसेंस और फायर एनओसी रिन्यूवल होती है। इससे होटल सहित अन्य कारोबारियों में निगम प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है। जबकि होना यह चाहिए कि जब किसी का पहले से ट्रेड लाइसेंस या फायर एनओसी जारी हो चुकी है तो ऐसे संस्थान मालिक लाइसेंस या एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन करें और विभाग द्वारा जांच के बाद उसे फीस जमा करने की परमिशन दे दी जाए। खामी पाए जाने पर विभाग द्वारा सम्बधिंत को उसे सुधारने का आदेश देकर पूर्ति होने के बाद रिन्यूवल प्रक्रिया को फाइनल किया जाए।

निगम अधिकारियों का कहना है कि ट्रेड लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी के बाद पुराने लाइसेंस के आधार पर ऑनलाइन सही से गणना नहीं हो पा रही है। इस कारण भी लाइसेंस रिन्यूवल की प्रक्रिया धीमी हो रही है। जबकि निगम अपने पास मौजूद रिकॉर्ड के आधार पर रिन्यूवल फीस की गणना कर ऑनलाइन अपडेट कर सकती है,जबकि अभी तक ऐसा नहीं किया गया।

राजस्थान सरकार ने हाल ही में साल 2017 के बाद होटल, रेस्टोरेंट समेत अन्य बिजनेस के लिए हर साल ली जाने वाली लाइसेंस फीस (ट्रेड लाइसेंस फीस) बढ़ा दी है। इसमें जिम, ब्यूटी पार्लर, चाय, फास्ट फूड की मोबाइल शॉप, मिठाई की दुकान, बेकरी समेत अन्य व्यवसाय शामिल है। इसमें से कुछ व्यवसाय की ट्रेड लाइसेंस फीस 5 गुना तक बढ़ा दी है। स्वायत्त शासन विभाग से जारी नई रेट लिस्ट के मुताबिक 50 कमरों तक के होटलों के लिए अब लाइसेंस फीस 15 से लेकर 25 हजार रुपए तक हो गई। ये फीस नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका क्षेत्र में अलग-अलग है। इसी तरह 51 से 100 कमरों तक के होटल के लिए फीस 30 से 50 हजार, 100 से 150 कमरों वाले होटल के लिए 70 हजार से 1 लाख रुपए और 150 से ज्यादा कमरे वाले होटल संचालकों के लिए 1 से 1.5 लाख रुपए लाइसेंस फीस कर दी है। गैस युक्त शीतल पेय (सोडा शॉप) संचालकों के लिए सरकार ने लाइसेंस फीस नगर पालिका क्षेत्र में 600 रुपए, नगर परिषद क्षेत्र में 700 रुपए और नगर निगम क्षेत्र में 1 हजार रुपए निर्धारित किया है। जिम चलाने के लिए ये शुल्क (नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगम) 3 हजार, 3500 रुपए और 5 हजार रुपए निर्धारित की है। जबकि साल 2017 में शुल्क 500, 1000 और 2 रुपए था। ब्यूटी पार्लर संचालकों के लिए शुल्क बढ़ाकर अब 1500, 1700 और 2000 रुपए कर दिए है। साल 2017 में से शुल्क 250, 500 और 1 हजार रुपए था। चाय, पकौड़ी, फास्ट-फूड आदि स्ट्रीट फूड (मोबाइल वाहन शॉप) के लिए ट्रेड लाइसेंस फीस को बढ़ाकर अब 1500, 2000 और 3000 रुपए कर दी है। जबकि इससे पहले ये फीस 500 रुपए, 1 हजार और 2 हजार रुपए थी। रेट तो बढ़ा दी लेकिन प्रशासन ने अभी तक ऑनलाइन व्यवस्था में सुधार नहीं किया है।

इस संबंध में जयपुर नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा का कहना है कि इस मामले की जानकारी लेता हूं, नियमों में खामी पाए जाने पर उसे दुरुस्त करवा कर कारोबारियों या मालिकों को राहत दी जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश