किसानों-मजदूरों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, 100 से अधिक हिरासत में
उदयपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। किसानों, मजदूरों और विभिन्न श्रमिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर उदयपुर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। इंटक, माकपा और सीटू सहित विभिन्न संगठनों के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ता सुबह टाउन हॉल प्रांगण में एकत्र हुए। यहां से कार्यकर्ताओं ने आक्रोश रैली निकाली, जो बापू बाजार और दिल्ली गेट होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंची। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता मांगों के समर्थन में नारे लगाते और तख्तियां लेकर चल रहे थे।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने आमसभा की। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जेल भरो आंदोलन के तहत सामूहिक गिरफ्तारियां भी दीं। पुलिस ने 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों से रवाना किया।
माकपा जिला सचिव एवं सीटू जिलाध्यक्ष राजेश सिंघवी ने कहा कि यह प्रदर्शन देशव्यापी आह्वान के तहत किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को मजदूरों और किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। प्रमुख मांगों में मनरेगा के तहत साल में 200 दिन काम और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने, चारों लेबर कोड वापस लेने तथा न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वेतन निर्धारित करने की मांग शामिल रही।
प्रदर्शनकारियों ने किसानों की फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम कम करने तथा दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्री को जीएसटी से मुक्त करने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही ईंधन में इथेनॉल मिलावट रोकने, ऑनलाइन चालान के नाम पर कथित वसूली बंद करने और बिजली के नए स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने की मांग की गई।
ज्ञापन में पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, कच्ची बस्तियों को पट्टे देने तथा सहारा और आदर्श क्रेडिट सोसायटियों में निवेशकों की अटकी राशि दिलाने सहित अन्य मुद्दे भी शामिल रहे। प्रदर्शन में विभिन्न श्रमिक, ऑटो चालक, ठेला व्यवसायी, कच्ची बस्ती और युवा संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

