डबल इंजन सरकार में स्वास्थ्य प्राथमिकता नहीं, योजनाएं हो रहीं कमजोर : रघु शर्मा
जयपुर, 26 मार्च (हि.स.)। पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के आधे कार्यकाल के बावजूद 8 करोड़ जनता के स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। उन्होंने यह बात प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कही।
रघु शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार के दौरान चिकित्सा क्षेत्र में मजबूत आधार तैयार किया गया था। नि:शुल्क दवा योजना, नि:शुल्क जांच योजना और 25 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज जैसी योजनाओं से राजस्थान देश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का लक्ष्य हर व्यक्ति तक बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचाना था।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासन में महंगी जांचों, जैसे एमआरआई तक को नि:शुल्क योजना में शामिल किया गया था। साथ ही “राइट टू हेल्थ” कानून लागू कर राजस्थान देश का पहला राज्य बना, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस कानून को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि
जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में आरजीएचएस योजना की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया के वे रूटीन जांच के लिए एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचे थे। वह आरजीएचएस के तहत एमआरआई कराने गए तो उनको वापस धनंवतरी ब्लॉक जाने के लिए कहा गया।
इस अव्यवस्था से नाराज रघु शर्मा ने पैसे देकर बाहर एमआरआई करवाई। कैशलेस सुविधा नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए व्यवस्था की खामियों को उजागर किया।
रघु शर्मा ने कहा कि सवाई मानसिंह अस्पताल का 24 मंजिला आईपीडी टावर, जिसमें 1200 बेड की सुविधा प्रस्तावित है, आज भी अधूरा पड़ा है। इसी तरह सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय का आईपीडी टावर भी पूरा नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इन परियोजनाओं की समयसीमा तक बताने में असमर्थ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान 33 में से 30 जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले गए थे और 17 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए। लेकिन वर्तमान सरकार नए जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है। जालोर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को भी निरस्त कर दिया गया।
रघु शर्मा ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बजट आवंटन और भुगतान में भारी अंतर है। जहां मासिक जरूरत 330 करोड़ रुपए की है, वहीं बजट केवल 250 करोड़ रुपये प्रतिमाह का है। साथ ही 1710 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान के कारण निजी अस्पतालों ने इलाज बंद करने की चेतावनी दी है।
उन्होंने योजना में गड़बड़ियों का भी जिक्र करते हुए कहा कि छोटी दुकानों द्वारा बड़े क्लेम उठाए जा रहे हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए।
पूर्व मंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों को रेफरल अस्पताल बनाकर छोड़ दिया गया है। जहां पहले 100 डॉक्टर कार्यरत थे, वहां अब केवल 25-26 डॉक्टर रह गए हैं। कैंसर, किडनी और हार्ट जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में आम जनता को भारी आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि एमआरआई जैसी जांच के लिए जरूरी हीलियम गैस का आयात इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण प्रभावित हो सकता है। ऐसे में सरकार को अपनी तैयारी स्पष्ट करनी चाहिए। रघु शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय राजस्थान का हेल्थ मॉडल देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया था, लेकिन वर्तमान सरकार में यह ढांचा कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

