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जनभागीदारी से बदलेगा इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड परिसर: पौधारोपण व रोड नवीनीकरण कार्यों की शुरुआत

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जनभागीदारी से बदलेगा इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड परिसर: पौधारोपण व रोड नवीनीकरण कार्यों की शुरुआत


जयपुर, 19 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी जयपुर के गांधी नगर स्थित राजस्थान इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति बोर्ड परिसर में रविवार को हरियाली और आधारभूत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौधारोपण एवं रोड नवीनीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम नेचर वेलफेयर कौंसिल और वाइटल केयर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस दौरान राम शरणम् भक्त समूह द्वारा अमृत वाणी का पाठ कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कालीचरण सर्राफ, अध्यक्षता बोर्ड रजिस्ट्रार डॉ. आनंद शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि बोर्ड सदस्य हेमंत सेठिया की उपस्थिति रही।

नेचर वेलफेयर कौंसिल के चेयरमैन सर्वेश्वर शर्मा ने बताया कि संस्था देशभर में पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए गांव-ढाणी स्तर तक हरित क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।

बोर्ड सदस्य हेमंत सेठिया ने कहा कि इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति को मान्यता दिलाने में विधायक सर्राफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि विधायक निधि से परिसर में रोड नवीनीकरण कार्य कराया गया है और बड़े स्तर पर पौधारोपण कर इसे हरित बनाया जा रहा है। साथ ही यहां जल्द ही चिकित्सालय संचालन और प्रशासनिक गतिविधियों का विस्तार भी किया जाएगा।

बोर्ड रजिस्ट्रार डॉ. आनंद शर्मा ने राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहा कि उपयुक्त प्रशासनिक परिसर मिलने से कार्य संचालन में सुविधा बढ़ेगी। मुख्य अतिथि कालीचरण सर्राफ ने अपने संबोधन में कहा कि इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति पूरी तरह हर्बल और सुरक्षित है तथा इसे आमजन तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2030 तक 500 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है, वहीं राजस्थान में ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।

कार्यक्रम के अंत में वाइटल केयर फाउंडेशन के चेयरमैन प्रवीण शर्मा ने सभी अतिथियों और सहभागियों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सक रूपकिशोर सैनी ने किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित