ईद-उल-अजहा पर जयपुर में अमन-भाईचारे की दुआ
जयपुर, 28 मई (हि.स.)। राजधानी जयपुर सहित प्रदेशभर में गुरुवार को मुस्लिम समाज ने ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व हर्षोल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। जयपुर के दिल्ली बाईपास स्थित ईदगाह में बड़ी संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने नमाज अदा कर देश-प्रदेश में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
ईदगाह में नमाज के दौरान विद्वानों ने कुर्बानी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जरूरतमंदों और गरीबों की मदद करने का संदेश दिया। जयपुर शहर के मुफ्ती मोहम्मद जाकिर नोमानी ने लोगों से कुर्बानी के दौरान साफ-सफाई और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिससे शाकाहारी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचे। कुर्बानी घरों के अंदर या निर्धारित स्थानों पर की जाए तथा उससे जुड़ी गंदगी सार्वजनिक स्थानों पर नहीं फैलनी चाहिए। उन्होंने लोगों से कुर्बानी के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करने की भी अपील की।
इस दौरान राजस्थान हज वेलफेयर सोसाइटी और राजस्थान मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले मुस्लिम समाज के लोगों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गोवंश संरक्षण के लिए पूरे देश में एक समान सख्त कानून लागू करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।
राजस्थान हज वेलफेयर सोसाइटी के महासचिव हाजी शेख निजामुद्दीन ने केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि गोसंरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाना चाहिए और इस मुद्दे पर राजनीति समाप्त होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, आस्था और सामाजिक मूल्यों का महत्वपूर्ण प्रतीक है, इसलिए गोवंश को पूर्ण सुरक्षा मिलनी चाहिए।
चीफ काजी खालीद उस्मानी ने कहा कि गोवंश संरक्षण के लिए सख्त कानून लागू होना चाहिए। उन्होंने बताया कि मुस्लिम समाज की ओर से चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत अब तक 160 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर धार्मिक नफरत फैलाने वालों के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान विधायक रफीक खान ने ईदगाह के विकास कार्यों के लिए स्वीकृत 10 करोड़ 80 लाख रुपए की राशि जारी नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बजट रुकने के कारण ईदगाह के विकास कार्य अधूरे पड़े हैं और नमाजियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ईदगाह परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस का कड़ा बंदोबस्त रहा। वहीं जैसलमेर में भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गौमाता का दर्जा देने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

