प्रकृति के बीच चिकित्सकों ने परिवार संग बिताया दिन
जयपुर, 23 अगस्त (हि.स.)। चिकित्सकों की व्यस्त दिनचर्या के बीच प्रकृति, परिवार और संस्कारों से जुड़ने का अवसर देने के उद्देश्य से नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) जयपुर महानगर की ओर से रविवार को घाटी वाले हनुमान मंदिर में वन भ्रमण एवं पारिवारिक मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में एनएमओ से जुड़े चिकित्सकों ने परिवार सहित उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रकृति के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में मनोरंजक खेलों और विभिन्न गतिविधियों के साथ देशभक्ति, धर्म और संस्कार से जुड़े कार्यक्रम भी हुए।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों एवं उनके परिवारों के लिए विभिन्न खेल और शारीरिक गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ इनमें हिस्सा लिया। इसके साथ ही देशभक्ति से ओत-प्रोत गीतों की प्रस्तुति ने वातावरण में राष्ट्रभावना का संचार किया। रामायण और महाभारत से संबंधित ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
एनएमओ जयपुर महानगर की सचिव डॉ. आशा लता ने कहा कि चिकित्सक समाज की सेवा में निरंतर व्यस्त रहते हैं। ऐसे आयोजन उन्हें परिवार के साथ प्रकृति के करीब आने और आपसी संवाद बढ़ाने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम स्वास्थ्य, पारिवारिक सौहार्द, संस्कार और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रांत प्रचारक बाबूलाल ने अपने संबोधन में भारतीय जीवन-पद्धति में स्वास्थ्य, संस्कार और धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की जीवनशैली में स्वास्थ्य और संस्कार का विशेष स्थान रहा है। यदि व्यक्ति काम, क्रोध, लोभ और मोह जैसे विकारों से स्वयं को दूर रखते हुए संयमित एवं सात्त्विक जीवनशैली अपनाए तो अनेक शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात पर चिंतन करने की है कि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ और संस्कारित कैसे बनाया जाए। परिवार से मिलने वाले संस्कार ही समाज के निर्माण की आधारशिला होते हैं। उन्होंने सभी से धर्म और संस्कारों के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में वन भ्रमण के माध्यम से प्रकृति के महत्व को भी रेखांकित किया गया। चिकित्सकों और उनके परिवारों ने प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने के साथ विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता की। आयोजन प्रकृति, स्वास्थ्य, परिवार, संस्कार और राष्ट्रभावना के सुंदर संगम के रूप में सामने आया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

