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चिकित्सकों और नर्सिंग अधिकारियों को सिखाए बाल रोगों के उपचार के गुर

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चिकित्सकों और नर्सिंग अधिकारियों को सिखाए बाल रोगों के उपचार के गुर


बीकानेर, 19 मार्च (हि.स.)। संयुक्त निदेशक डॉ. देवेंद्र चौधरी के आदेशानुसार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तत्वावधान में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भवानी शंकर गहलोत के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिलों के चिकित्सकों तथा नर्सिंग अधिकारियों (जीएनएम) ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बाल स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना तथा जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान सुनिश्चित करना रहा।

प्रशिक्षण के दौरान बीकानेर के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश जनागल ने डिलीवरी पॉइंट पर होने वाली जन्मजात विकृतियों, बाल रोगों और उनके प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जन्म के समय ही विकृतियों की पहचान से बच्चों को बेहतर जीवन दिया जा सकता है। प्रशिक्षण दाता डॉ. विवेक गोस्वामी ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत विभिन्न बाल रोगों और उनके उपचार की प्रक्रियाओं से अवगत कराया। वहीं, ऑडियोलॉजिस्ट दीपक दाधीच ने जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईस) की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से बीकानेर संभाग के चारों जिलों से आए स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। डॉ. भवानी शंकर गहलोत ने बताया कि आरबीएसके के तहत चिन्हित बच्चों को निशुल्क और समयबद्ध उपचार उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता है। प्रशिक्षण के सफल समापन पर संभाग भर से आए प्रतिभागियों ने बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई तकनीक और उपचार विधियों को सीखा, जो आगामी समय में फील्ड स्तर पर अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव