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नारी ही प्रगति की धुरी, महिला सशक्तीकरण से राजस्थान बनेगा अग्रणी राज्य : जोगाराम पटेल

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नारी ही प्रगति की धुरी, महिला सशक्तीकरण से राजस्थान बनेगा अग्रणी राज्य : जोगाराम पटेल


जयपुर, 08 मार्च (हि.स.)। हरीश चंद्र माथुर राज्य लोक प्रशासन संस्थान के भगवत सिंह सभागार में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस जिला स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद प्रतिभा वर्मा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (उत्तर) जयपुर मुकेश कुमार मूंड, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक राजेश डोगीवाल तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक पार्थवी शर्मा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और महिलाओं के हित में कार्य करने वाले गैर सरकारी संगठनों की प्रतिनिधि उपस्थित रहीं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को सशक्त नारी, सशस्त्र राजस्थान थीम पर जिला प्रशासन जयपुर एवं महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रमुख रमा देवी चोपड़ा ने की।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में प्रधारे जिला प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने समारोह को संबोधित करते हुए बताया की सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महिला ही सही अर्थों में राजस्थान को देश में अग्रणी राज्य बना सकती है। उन्होने बताया की किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति महिलाओं के सशक्तीकरण के बिना संभव नहीं है। महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराकर ही एक सशक्त और समृद्ध समाज की स्थापना की जा सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर प्रयास कर रही है।

जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर आगे बढ़ना चाहिए और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

प्रभारी मंत्री ने इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा समाज हित में किए जा रहे त्याग और समर्पण को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रतिदिन 2 से 5 किलोमीटर तक पैदल चलकर छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की मां के समान देखभाल करती हैं तथा किशोरियों और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखती हैं। उनका यह समर्पण समाज के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रमुख रमा देवी चोपड़ा ने कहा कि हमारे राष्ट्र की प्रमुख द्रौपदी मुर्मू एक आदिवासी महिला हैं। उन्होंने कहा कि घर को स्वर्ग बनाने वाली भी मातृशक्ति ही है और आज महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश और प्रदेश को प्रगति के पथ पर अग्रसर कर रही हैं। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले गैर सरकारी संगठनों की प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश