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जनभागीदारी से बनाएंगे धौलपुर को प्लास्टिक मुक्त स्वच्छ शहर : श्रीनिधि

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जनभागीदारी से बनाएंगे धौलपुर को प्लास्टिक मुक्त स्वच्छ शहर : श्रीनिधि


धौलपुर, 05 जून (हि.स.)। प्रदेश सहित धौलपुर जिले में आयोजित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान ने अब एक जन आंदोलन का रूप ले लिया है। अभियान के तहत न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऐतिहासिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए आमजन बढ़-चढ़कर श्रमदान कर रहे हैं। इसके साथ ही लोग आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों का पूरे मनोयोग से जीर्णाेद्धार भी कर रहे हैं। बीते माह 25 मई से शुरू हुए वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान में धौलपुर जिले में कुल 8423 गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें 1655 स्थानों पर सफाई कार्य, 138 जल पूजन कार्यक्रम, 630 श्रमदान गतिविधियाँ एवं 146 कार्यशालाओं का आयोजन शामिल है।

शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी ने अभियान की सफलता के संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गंगा दशहरा के दिन प्रभारी सचिव राजन विशाल की मौजूदगी में तीर्थराज मचकुंड सरोवर पर जल पूजन एवं दीपदान से अभियान का आगाज किया गया। आज जन भागीदारी से जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन के लिए धौलपुर को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि आमजन के सक्रिय सहयोग से ही धौलपुर शहर को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सकता है। शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का मुख्य उद्देश्य आम आदमी को जल संरक्षण की भावना के साथ जोड़ना था, जो पूरी तरह से सफल रहा है। जिले के सभी विभागों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी आवंटित गतिविधियों को निर्धारित तरीके से आयोजित किया है।

डीएम ने प्राचीन चौपड़ा महादेव मन्दिर की बावड़ी का जिक्र करते हुए बताया कि यहां जल संरक्षण की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। जिले में स्थित सैकड़ों साल पुरानी बावड़ी के साफ-सफाई कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने भी शिरकत की और सामूहिक श्रमदान किया। उस दिन सभी ने एकजुट होकर बावड़ी के अंदर से गंदगी निकालने का कार्य किया। भले ही आज नल जल योजना और अन्य व्यवस्थाओं के कारण वे इस बावड़ी का पानी नहीं पीते, लेकिन यह उनके बुजुर्गों और पीढ़ियों की धरोहर है। आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत के रूप में ग्रामीण इस ऐतिहासिक जल स्रोत का पूरे मनोयोग से जीर्णाेद्धार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल और पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। आमजन के सहयोग और जागरूकता से धौलपुर को एक साफ, सुंदर और आदर्श शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मौके पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक राजकुमार मीणा सहित अन्य मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रदीप