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भागवत कथा के श्रवण मात्र से मानव की मुक्ति : भानुदेवाचार्य

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भागवत कथा के श्रवण मात्र से मानव की मुक्ति : भानुदेवाचार्य


धौलपुर, 23 फ़रवरी (हि.स.)। शहर के भगवान परशुराम सेवा सदन में चल रहे श्रीमद भागवत कथा के आयोजन में तीसरे दिन कथा प्रवक्ता स्वामी भानुदेवाचार्य श्रीधाम वृंदावन वालों ने ध्रुव चरित्र की कथा सुनाई। स्वामी जी ने कहा कि मानव जीवन में भागवत कथा से भगवत प्राप्ति होती है तथा भागवत कथा के श्रवण मात्र से मानव की मुक्ति हो जाती है।

भागवत के महात्म्य को बताते हुए कहा कि भगवान के गुणों का श्रवण ही मन की शुद्धि का उपाय है। उन्होंने प्राचीन भारतीय संस्कृति के मूल्यों की चर्चा करते हुए कहा कि मां, पिता, आचार्य तथा अतिथि को देवतुल्य माना गया है। हम समूचे विश्व और पृथ्वी को ही अपना परिवार मानते हैं। इसलिए भारतीय संस्कृति में वसुधेव कुटुम्बकम की मान्यता है। भक्त ध्रुव की कथा सुनाते हुए उन्होंने नाम की महिमा बताई। स्वामी जी ने कहा कि पूरे विश्व मे ब्रज भूमि ही दिव्य स्थल है। यहाँ की गई प्राथना भगवान जल्दी सुनते हैं। ब्रज भूमि अनूठी है। भक्त ओर भगवान के बीच अटूट प्रेम है। विपत्ति को विधाता का विधान ओर प्रारब्ध मन कर भोग लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मानव द्वारा अपने जीवन को भगवान के विधान से जोड़ देने से तनाव से मुक्त होकर उसका जीवन सफल हो जाता है। उसके जीवन मे कोई उदासी नहीं होती। यही शरणागति है। ईश्वर की व्यापकता के संबंध में उन्होंने कहा कि भगवान जड़ से लेकर चेतन तक सर्वत्र व्याप्त है। हमें ईश्वर की मौजूदगी को पहचानने की आवश्यकता है। भागवत कथा के परीक्षित सतीश शर्मा एवं कुसुम शर्मा ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ 21 से 27 फरवरी तक शहर के मचकुंड रोड स्थित भगवान परशुराम सेवा सदन में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में कथा प्रवक्ता भानुदेवाचार्य श्रीधाम वृंदावन वाले प्रतिदिन दोपहर में 1:00 बजे से लेकर शाम के 5:00 बजे तक भागवत कथा का वाचन कर रहे हैं। भागवत कथा का समापन एवं पूर्णाहुति 27 फरवरी को होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रदीप