धींगा गंवर मेला 5 को : शहर में मची लोटियों की धूम, धींगा गवर पूजन चरम पर
जोधपुर, 03 अप्रैल (हि.स.)। शहर में धींगा गवर पूजन चरम पर है। भीतरी शहर के अनेक हिस्सों हाथी चौक, जालप मोहल्ला, कबूतरों का चौक, हटडिय़ों का चौक, नवचौकिया, चांद बावड़ी, ब्रह्मपुरी, छीपों का चौक, सुनारों की घाटी, मोती चौक, पुंगलपाड़ा सहित अनेक स्थानों पर बड़ी संख्या में सुहागिनें विधि-विधान से पूजन कर रही हैं। अधिकांश महिलाओं की ओर से इन दिनों लोटियों से जल लाने की शुरुआत भी हो चुकी है।
ब्रह्मपुरी क्षेत्र में श्री कृष्णा गणगौर समिति द्वारा आयोजित गणगौर महोत्सव के तहत लोटियों का पारंपरिक आयोजन श्रद्धा, उत्साह और उमंग के साथ सम्पन्न हुआ। महादेवरा मोहल्ला, भागीपोल रोड स्थित इस आयोजन में बड़ी संख्या में तीजणियों ने भाग लिया और परंपरागत रीति-रिवाजों का निर्वहन किया। समिति की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज की प्राचीन परंपरा के अनुसार पूजी जाने वाली धींगागवर माता की स्थापना लगभग 85 वर्ष पूर्व स्वर्गीय श्रीमती कृष्णा कुमारी दवे ने अपने निवास पर की थी। तब से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है और आज भी यह तीजणीयों की आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। समिति की सचिव मृदुला दवे त्रिवेदी ने बताया कि चौथी पीढ़ी की तीजणियां इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्राचीन विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रही हैं। समिति अध्यक्ष शोभा दवे के सानिध्य एवं नन्दूबाला दवे के मार्गदर्शन में प्रतिदिन श्रद्धा के साथ पूजन किया जा रहा है।
वहीं चाचा की गली स्थित धींगा गवर महोत्सव समिति की ओर से लीलादेवी पुरोहित, अरुणा व्यास, मधुबाला पुरोहित, पुष्पलता पुरोहित, विमला व्यास की ओर से नई दुल्हनों को पूजन की विधि बताते हुए पूजन संपन्न करवाया जा रहा है। प्रतिदिन गवर के गीतों की प्रस्तुतियों के साथ उत्सव मनाया जा रहा है। अध्यक्ष अनिल गोयल व संयोजक कैलाश गर्ग ने बताया कि धींगा गवर उत्सव की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं और लाइटिंग सहित व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

