टोल प्लाजा फायरिंग केस: धनसिंह को 3 साल सश्रम कारावास, आर्म्स एक्ट में दोषी करार
अजमेर, 27 अप्रैल (हि.स.)। अजमेर की एससी-एसटी कोर्ट ने टोल प्लाजा पर फायरिंग और मारपीट के एक पुराने मामले में आरोपी धनसिंह को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह निर्णय सोमवार को न्यायाधीश अक्षी कंसल की अदालत ने सुनाया।
मामला करीब 10 वर्ष पुराना है। 25 मार्च 2016 को सरवाड़ टोल प्लाजा पर एक कार में सवार धनसिंह, विजेंद्र, जितेंद्र और हितेश पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान धनसिंह के पास रिवॉल्वर थी और उसने टोल बूथ पर फायरिंग की। साथ ही टोल कर्मियों के साथ मारपीट करते हुए उन्हें अपमानित किया गया। घटना के बाद टोलकर्मी अंकुर की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट, आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन माह के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता गुरप्रीत सिंह सोढ़ी के अनुसार अदालत में 20 गवाहों और 40 दस्तावेजों को प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने एससी-एसटी एक्ट और जानलेवा हमले सहित अन्य धाराओं में पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में धनसिंह और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। हालांकि, आर्म्स एक्ट के तहत धनसिंह को दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई। मामले में एक अन्य आरोपी हितेश ट्रायल के दौरान फरार हो गया था, जिसे अदालत ने पूर्व में ही भगोड़ा घोषित कर दिया था। फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने राहत जताई है। पुलिस के अनुसार धनसिंह के खिलाफ पहले भी लूट, मारपीट और डकैती जैसे कई मामले दर्ज हैं, जिससे वह आदतन अपराधी माना जाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

