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कामिका एकादशी पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धा: महामंत्र यज्ञ से गूंजा गोविंददेवजी मंदिर

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कामिका एकादशी पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धा: महामंत्र यज्ञ से गूंजा गोविंददेवजी मंदिर


जयपुर, 09 अगस्त (हि.स.)। सावन माह की पहली एकादशी रविवार को द्विपुष्कर योग और मृगशिरा नक्षत्र के शुभ संयोग में कामिका एकादशी के रूप में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। सुबह से ही राजधानी के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भक्तों ने भगवान विष्णु का विधि-विधान से पूजन कर श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ किया। महिलाओं ने तुलसी पूजन कर निर्जला और फलाहार व्रत रखा तथा संध्या समय व्रत का पारण किया। दिनभर मंदिरों में दर्शन-पूजन के साथ दान-पुण्य का दौर चला।

आराध्य देव श्री गोविंददेवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक किया गया और उन्हें लाल रंग की आकर्षक पोशाक धारण कराई गई। मंदिर प्रांगण में सुबह नि:शुल्क श्री विष्णु गायत्री महामंत्र यज्ञ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। यज्ञ सामग्री मंदिर प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई। यज्ञ का संचालन गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी की टोली ने किया।

सुभाष चौक स्थित पानों का दरीबा के सरस निकुंज में शुक संप्रदायाचार्य अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में ठाकुर श्री राधा सरस बिहारी सरकार का वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया गया। ठाकुरजी को नवीन पोशाक और पुष्प शृंगार धारण कराया गया। इसके बाद एकादशी के विशेष भक्ति पदों का गायन हुआ। राधा गोपीनाथजी मंदिर: पुरानी बस्ती स्थित मंदिर में महंत सिद्धार्थ गोस्वामी के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया। राधा दामोदरजी, मदन गोपालजी और लाड़लीजी (फूटा खुर्रा) सहित विभिन्न ठाकुरजी मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई गईं।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश