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झुंझुनू में ढाई हजार फीट की ऊंचाई पर श्रद्धालु की हार्टअटैक से मौत

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झुंझुनू में ढाई हजार फीट की ऊंचाई पर श्रद्धालु की हार्टअटैक से मौत


झुंझुनू, 13 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान में झुंझुनू जिले के नवलगढ़ क्षेत्र के रहने वाले सुरेश जांगिड़ (45) की प्रसि़द्व तीर्थ स्थल लोहार्गल में बरखंडी की पहाड़ी पर हार्टअटैक से मौत हो गई। रोप-वे नहीं होने से सुरेश की बॉडी को उसके साथ गए दोस्त करीब 2500 फीट की ऊंचाई से कंधे पर उठाकर नीचे लाए। नवलगढ़ के पुजारी की ढाणी के रहने वाले सुरेश दोस्तों के साथ बुधवार 12 अगस्त सुबह लोहार्गल की पहाड़ी पर बरखंडी नाथ के दर्शन के लिए गए थे। करीब 1051 मीटर ऊंची धार्मिक स्थल से उतरने के दौरान वे अचानक बेहोश होकर गिर गए थे। मेडिकल हेल्प नहीं मिलने के कारण उनकी मौत हो गई। सुरेश के दोस्तों ने बताया कि धार्मिक स्थल के आसपास उन्हे कोई सहायता नहीं मिली। पहाड़ी से शव को उतारकर नीचे लाना काफी चुनौतीपूर्ण था।

जानकारी के अनुसार सुरेश जांगिड़ और उनके साथी सुबह 11 बजे बरखंडी बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे थे। यहां से वे केदारबाबा के दर्शन के लिए जा रहे थे। करीब 250 मीटर उतरते ही उनकी तबीयत खराब हो गई। उनके दोस्तों ने बताया कि ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण उन्हें परेशानी हुई थी। उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन वे उठ नहीं सके। करीब एक घंटे तक शव को कंधों पर उठाकर नीचे फिसलन भरी पहाड़ी से नीचे उतरे।

सुरेश जांगिड़ अपने घर पर बने मंदिर जोतराम बाबा के पुजारी भी थे। उनके दोस्तों ने बताया कि मंदिर की काफी मान्यता है और यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। सुरेश जांगिड़ घर पर ही फर्नीचर का काम करते थे। उनका एक 20 साल का बेटा और 15 साल की बेटी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2024 के बजट में बरखंडी पहाड़ी पर रोपवे बनाने की घोषणा की थी। दिसंबर 2025 में रोपवे के लिए सर्वे भी पूरा कर लिया गया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर प्रस्तावित थी, लेकिन अब तक कोई निवेशक आगे नहीं आने के कारण योजना शुरू नहीं हो पाई।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश