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उदयपुर संभाग को 924 करोड़ की विकास सौगात, सात जिलों में 1,452 कार्यों का शिलान्यास-लोकार्पण

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उदयपुर संभाग को 924 करोड़ की विकास सौगात, सात जिलों में 1,452 कार्यों का शिलान्यास-लोकार्पण


उदयपुर संभाग को 924 करोड़ की विकास सौगात, सात जिलों में 1,452 कार्यों का शिलान्यास-लोकार्पण


प्रतापगढ़, 26 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को प्रतापगढ़ में आयोजित समारोह में उदयपुर संभाग के सात जिलों के लिए 924 करोड़ रुपए से अधिक के 1,452 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें 668 करोड़ रुपये से अधिक के 1,029 कार्यों का शिलान्यास तथा 256 करोड़ रुपये के 423 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराएं राजस्थान की विशिष्ट पहचान हैं। राज्य सरकार जनजातीय विरासत को संरक्षित करने के साथ स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों में मूलभूत सुविधाओं के साथ रोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

समारोह में घोषित कार्यों में उदयपुर जिले में 166.80 करोड़ रुपये के 526, डूंगरपुर में 189.85 करोड़ के 105, चित्तौड़गढ़ में 164.57 करोड़ के 88, बांसवाड़ा में 89.68 करोड़ के 77, प्रतापगढ़ में 109.77 करोड़ के 436, राजसमंद में 108.50 करोड़ के 130 तथा सलूंबर में 95.05 करोड़ रुपए के 90 कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार लोकार्पित कार्यों में बिजली आपूर्ति के 87 करोड़ रुपये के 14 कार्य, पेयजल एवं सिंचाई से जुड़े 75 करोड़ रुपए से अधिक के 15 कार्य, सड़कों के 22 करोड़ रुपये के सात कार्य और स्कूलों से जुड़े 9 करोड़ रुपए से अधिक के 19 कार्य शामिल हैं। वहीं नए कार्यों के शिलान्यास में सड़क, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य से जुड़ी परियोजनाओं की बड़ी हिस्सेदारी है।

कार्यक्रम में जनजातीय क्षेत्र के वन उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की गई। मुख्यमंत्री ने ‘वनगिरि’ ब्रांड का पहला शहद उत्पाद ‘आदिपराग’ लॉन्च किया।

साथ ही वन धन विकास केंद्रों द्वारा तैयार उत्पादों के विपणन और बिक्री को बढ़ावा देने के लिए राजससंघ और कॉनफैड के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। इससे स्थानीय वन उत्पादों के संग्रहण, मूल्य संवर्धन और विपणन को बढ़ावा देने की पहल की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय क्षेत्र के विकास के लिए मां-बाड़ी केंद्रों में कार्यरत कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी, नए मां-बाड़ी केंद्र, वन धन विकास केंद्र और कौशल विकास केंद्र जैसी पहल की गई हैं। विद्यार्थियों के मैस भत्ते को बढ़ाकर 3,250 रुपए प्रतिमाह किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले ढाई वर्ष से अधिक समय में 1 लाख 90 हजार पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं, जबकि 1 लाख 22 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। वर्ष 2026 के लिए सवा लाख पदों का भर्ती कैलेंडर भी जारी किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को अटल ज्ञान केंद्रों के माध्यम से ई-पुस्तकालय और ई-मित्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात भी उन्होंने कही।

उन्होंने पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं और राज्यों के साथ हुए समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

प्रतापगढ़ पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने दीपेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन कर पंचामृत से अभिषेक किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक गैर नृत्य के साथ स्वागत किया गया। समारोह में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, विधायक श्रीचंद कृपलानी, अर्जुन जीनगर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित