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रेलवे कर्मचारियों के बोनस की गणना 18,000 न्यूनतम मूल वेतन के आधार पर करने की मांग, उत्तर पश्चिम रेलवे कर्मचारी संघ ने किया प्रदर्शन

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रेलवे कर्मचारियों के बोनस की गणना 18,000 न्यूनतम मूल वेतन के आधार पर करने की मांग, उत्तर पश्चिम रेलवे कर्मचारी संघ ने किया प्रदर्शन


बीकानेर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। रेलवे कर्मचारियों को वर्ष 2026 के उत्पादकता आधारित बोनस (पीएलबी) का भुगतान 7,000 रूपये की निर्धारित गणना सीमा के आधार पर किए जाने के विरोध में आज उत्तर पश्चिम रेलवे कर्मचारी संघ (यूपीआरकेएस) द्वारा भारतीय रेलवे मजदूर संघ (बीआरएमएस) के आह्वान पर बीकानेर वर्कशॉप के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में कर्मचारियों ने बोनस की गणना वर्तमान न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रूपये के आधार पर करने की मांग उठाई।

उत्तर पश्चिम रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों के उचित बोनस और अधिकारों की मांग को संगठित एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रूपये है, जबकि रेलवे कर्मचारियों के बोनस की गणना के लिए 7,000 रूपये की सीमा का उपयोग किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों को उनकी वास्तविक वेतन संरचना और बढ़ती महंगाई के अनुरूप बोनस का लाभ नहीं मिल पा रहा है। संघ ने इस व्यवस्था में संशोधन कर बोनस की गणना 18,000 रूपये न्यूनतम मूल वेतन के आधार पर करने की मांग की।

संघ ने यह भी मांग की कि बोनस की गणना छठे वेतन आयोग के आधार पर निर्धारित सीमा के स्थान पर वर्तमान वेतन संरचना के अनुरूप की जाए तथा सातवें वेतन आयोग के आधार पर बोनस राशि का पुनर्निर्धारण किया जाए। कर्मचारियों ने महंगाई, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और रेलवे कर्मचारियों के योगदान को ध्यान में रखते हुए बोनस की राशि में उचित वृद्धि करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि रेलवे के संचालन, रखरखाव और सुरक्षित रेल परिचालन में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में उनके परिश्रम और समर्पण के अनुरूप बोनस मिलना चाहिए। संघ ने दोनों मान्यता प्राप्त रेलवे कर्मचारी संगठनों के इस मुद्दे पर चुप्पी को कर्मचारियों के साथ धोखा बताया I

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव