गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाने की मांग, अशोक गहलोत ने सरकार को घेरा
जयपुर, 15 जून (हि.स.)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ सहित पूरे प्रदेश में गेहूं खरीद को लेकर किसानों में बढ़ता आक्रोश सरकार की अदूरदर्शी नीतियों का परिणाम है।
गहलोत ने कहा कि हर वर्ष 30 जून तक चलने वाली गेहूं खरीद प्रक्रिया को इस बार पहले 31 मई और बाद में केवल 19 जून तक सीमित कर दिया गया, जिससे हजारों पंजीकृत किसान अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बारदाने की कमी और गेहूं के सुस्त उठाव के कारण मंडियों में बड़ी मात्रा में अनाज पड़ा हुआ है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेमौसम बारिश की आशंका के बीच खुले में रखा लाखों क्विंटल गेहूं खराब होने और नमी बढ़ने से रिजेक्ट होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में यदि खरीद की समय सीमा नहीं बढ़ाई गई तो किसानों को मजबूरन अपनी उपज कम कीमत पर बिचौलियों को बेचनी पड़ सकती है।
गहलोत ने राज्य सरकार से मांग की कि गेहूं खरीद की अंतिम तिथि को पूर्व वर्षों की तरह 30 जून तक बढ़ाया जाए, खरीद लक्ष्य में वृद्धि की जाए तथा मंडियों से गेहूं का उठाव तेज कर किसानों को राहत प्रदान की जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

