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दिल्ली बाइपास पर फुट ओवरब्रिज के साथ बनेगा बाइक पाथ वे

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दिल्ली बाइपास पर फुट ओवरब्रिज के साथ बनेगा बाइक पाथ वे


जयपुर, 30 मार्च (हि.स.)। गुलाबी नगरी में पहली बार फुट ओवरब्रिज के साथ बाइक पाथ वे बनाने की तैयारी की जा रही है। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो बाकी भीड़भाड़ वाले चौराहों के आस-पास भी इसे बनाया जाएगा। इसे बीओटी मोड (बिल्ट ऑपरेट एण्ड ट्रांसपोर्ट)पर बनाने की योजना है। इसको बनाने से लेकर संचालन और उस पर लगने वाले विज्ञापनों से आय सम्बंधित कम्पनी को मिलेगी। विज्ञापनों से मिलने वाली आय में से कुछ अंश जेडीए को भी मिलेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली रोड पर ईदगाह के आस-पास आए दिन सड़क हादसे होते है। इसी को ध्यान में रखकर यहां पर आमजन के लिए फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इस फुट ओवरब्रिज में बाइक पाथ भी होगा। ताकि आमजन के साथ बाइक सवार भी बिना किसी रिस्क के सड़क पार कर सकें। जेडीए ने इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा है। स्वीकृति के बाद जल्द ही इसे धरातल पर उतारने को लेकर काम किया जाएगा।

दिल्ली रोड पर ईदगाह के पास 50 मीटर लम्बा और करीब चार मीटर चौड़ा ब्रिज बनाया जाएगा। इसमें दो मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज और दो मीटर चौड़ा बाइक पाथ वे होगा। फुट ओवर ब्रिज में स्वाचालित एस्केलेटर होगा। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही इसके लिए टेंडर किया जाएगा। बीओटी मोड़ पर बनने वाले इस ओवरब्रिज का कम्पनी 10 साल तक देखरेख और संचालन करेगी। संचालन के दौरान ओवरब्रिज पर लगने वाले विज्ञापन से जो आय होगी उसका कुछ हिस्सा जेडीए के खाते में भी आएगा। स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया के पूरी होने के बाद अगले 6 माह में इसे तैयार करने का टास्क रखा गया है। इस फुट ओवरब्रिज और बाइक पाथ वे ही डिजायन भी कम्पनी ही बनाएगी। जाेन-10 के एक्सईएन मनाेज ने बताया कि फिलहाल फुटओवर ब्रिज और बाइक पाथ वे लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इसे स्वीकृति नहीं मिली है। इसके बनने से आमजन और बाइक चालकाें काे सड़क क्राॅस नहीं करनी पड़ेगी। इससे हादसाें पर लगाम लगेगी।

फुट ओवरब्रिज के साथ बाइक पाथ वे एक आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचा है, जो पैदल यात्रियों के साथ-साथ साइकिल और दुपहिया वाहनों को व्यस्त सड़कों या रेलवे लाइनों को सुरक्षित पार करने की सुविधा है। यह सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा देने का एक प्रभावी तरीका है। यह पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों को सीधे वाहनों के यातायात से अलग रखता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम हो जाती है। नए ब्रिज में रैंप होते हैं जो साइकिल और हल्के दुपहिया वाहनों को आसानी से ऊपर चढऩे में मदद करते हैं। यह पुलों को एक सक्रिय परिवहन गलियारे में बदल देते हैं, जिससे लोग छोटी दूरी के लिए साइकिल का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश