कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रकरण पर सख्ती, उच्च स्तरीय जांच के निर्देश
जयपुर, 13 मई (हि.स.)। कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और स्वास्थ्य बिगड़ने की गंभीर घटना को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बुधवार को स्वास्थ्य भवन में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर पूरे प्रकरण की गहन जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घटना के प्रत्येक पहलू की तह तक पहुंचना आवश्यक है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल, आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सेन, औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला, सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. धनंजय अग्रवाल, कोटा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. नीलेश जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि यह घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिए कि दवाओं की गुणवत्ता, ऑपरेशन थियेटर या उपकरणों से संक्रमण, उपचार में संभावित लापरवाही तथा चिकित्सा प्रोटोकॉल के पालन जैसे सभी पहलुओं की उच्च स्तरीय जांच की जाए। साथ ही, सभी संबंधित दवाओं, उपकरणों और अन्य नमूनों की जांच रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं ताकि निष्कर्ष तक पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
मंत्री खींवसर ने निर्देश दिए कि प्रदेश के उन सभी अस्पतालों में, जहां रोगीभार अधिक है और प्रसव की संख्या ज्यादा रहती है, विशेष एहतियात बरती जाए। उन्होंने कहा कि उपचार संबंधी एसओपी और चिकित्सा प्रोटोकॉल की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने बताया कि प्रकरण सामने आते ही राज्य सरकार ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें कोटा भेजी थीं, जिन्होंने प्रभावित प्रसूताओं को उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ मामले की जांच भी की। प्रथम दृष्टया इलाज और पर्यवेक्षण में लापरवाही पाए जाने पर तीन चिकित्सकों और चार नर्सिंगकर्मियों को निलंबित किया गया है। इसके अतिरिक्त यूटीबी पर कार्यरत एक चिकित्सक को बर्खास्त कर दिया गया है। न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेके लोन अस्पताल के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। अब अंतिम जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर गुरुवार को स्वयं कोटा पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे। वे न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेके लोन अस्पताल का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करेंगे, भर्ती प्रसूताओं एवं उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे और अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा करेंगे।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सरकार हर आवश्यक कदम उठा रही है ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

