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'साइक्लोथॉन फॉर ऑल': जयपुर में 300 से अधिक साइकलिस्ट्स ने दिया स्वस्थ और हरित पर्यावरण का संदेश

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'साइक्लोथॉन फॉर ऑल': जयपुर में 300 से अधिक साइकलिस्ट्स ने दिया स्वस्थ और हरित पर्यावरण का संदेश


जयपुर, 01 नवंबर (हि.स.)। राजस्थान को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से रविवार को राजधानी जयपुर में राज्य-स्तरीय 'साइक्लोथॉन फॉर ऑल' का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। राज्य सरकार के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरएसपीसीबी) के तत्वावधान में, 'इंटरनेशनल सोसायटी फॉर लाइफ साइंसेज' (आईएसएसएस) के सहयोग से आयोजित इस साइक्लोथॉन में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित 300 से अधिक उत्साही प्रतिभागियों ने भाग लिया।

यह आयोजन वैश्विक अभियान 'ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक' (1-7 नवंबर 2026) के अंतर्गत नागरिकों में पर्यावरण चेतना विकसित करने और जीवनशैली में सुधार लाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

झालाना डूंगरी स्थित राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय से रविवार प्रातः 6:15 बजे राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने हरी झंडी दिखाकर साइक्लोथॉन का विधिवत फ्लैग-ऑफ किया। इस मौके पर मुख्य सचिव ने कहा किपर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हर नागरिक का सामाजिक कर्तव्य है। साइकिल चलाना न केवल हमारे व्यक्तिगत शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन को कम करके हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित ग्रह का निर्माण करता है।

विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग आनंद कुमार ने कहा किजलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए हमें दैनिक जीवन में 'सस्टेनेबल लाइफस्टाइल' (सतत जीवनशैली) को अपनाना होगा। सिंगल-यूज प्लास्टिक का बहिष्कार, पेड़ों की रक्षा और जीवाश्म ईंधन की खपत में कमी लाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

संयुक्त शासन सचिव, पर्यावरण विभाग शैलजा देवल ने कहा किसाइक्लोथॉन जैसे आयोजन समाज के हर वर्ग को एकजुट करते हैं। जब आम नागरिक सड़कों पर आकर हरित राजस्थान का संदेश देते हैं, तो इसका प्रभाव बहुत दूरगामी और सकारात्मक होता है।

प्रोफेसर जी.सी. जैन (उपाध्यक्ष, इंटरनेशनल सोसायटी फॉर लाइफ साइंसेज) ने कहा किमानव स्वास्थ्य और पर्यावरण का सीधा संबंध है। लाइफ साइंसेज के दृष्टिकोण से, हमारी दैनिक आदतें ही पर्यावरण की सेहत तय करती हैं। साइकिल चलाने से स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ प्रकृति के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव भी स्थापित होता है। कपिल चंद्रवाल (सदस्य सचिव, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल) ने कहा कि राज्य में प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ जन-जागरूकता कार्यक्रमों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। 300 से अधिक साइकलिस्ट्स की भागीदारी यह साबित करती है कि जयपुर के नागरिक स्वच्छ वायु और हरित पर्यावरण के प्रति अत्यंत संवेदनशील और सजग हैं।

आयोजन समिति के मुख्य सदस्य डॉ. सुनील छिम्पा, डॉ. राम भजन कुमावत और डॉ. रितु जैन ने बताया कि 'साइक्लोथॉन फॉर ऑल' को लेकर समाज के सभी वर्गों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। उन्होंने बताया कि साइक्लोथॉन में समाज के सभी आयु वर्गों—विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी पंजीकृत साइकलिस्ट्स को आयोजकों की ओर से कैप, टी-शर्ट, पर्यावरण-अनुकूल बैग, सर्टिफिकेट, रिफ्रेशमेंट और पेयजल निःशुल्क वितरित किए गए।प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी साइकिलों पर 'ग्रीन राजस्थान-क्लीन राजस्थान' और 'पर्यावरण बचाओ' के पोस्टर लगाकर पूरा मार्ग तय किया।

झालाना डूंगरी से शुरू हुई यह साइकिल रैली प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड परिसर पहुँची। समापन समारोह में सभी 300+ प्रतिभागियों को भागीदारी प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। आयोजकों ने सभी सहयोगियों, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन की बधाई दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव