मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने एथेंस सम्मेलन में प्रस्तुत किए राजस्थान के प्रशासनिक सुधार
- आईएएसआईए-2026 सम्मेलन में ‘बदलते विश्व के लिए शासन व्यवस्था पर पुनर्विचार’ विषय पर दिया उद्घाटन संबोधन
जयपुर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्य सचिव एवं इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज़ (आईआईएएस) के अध्यक्ष वी.श्रीनिवास ने बुधवार को ग्रीस की राजधानी एथेंस में आईएएसआईए-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उद्घाटन संबोधन दिया। यह उनकी चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा का तीसरा दिन था। प्रशासनिक विद्यालयों एवं संस्थानों के अंतरराष्ट्रीय संघ (आईएएसआईए) का यह सम्मेलन ‘बदलते विश्व के लिए शासन व्यवस्था पर पुनर्विचार’ विषय पर आयोजित किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र में ग्रीस के आंतरिक मामलों के मंत्री थियोडोर लिवानियोस, आंतरिक मामलों की उपमंत्री विवी चारालाम्पोगियानी और उच्च शिक्षा उपमंत्री प्रो. डॉ. निकोलस पापाइनू उपस्थित रहे। लोक सेवकों के व्यावसायिक विकास की अकादमी की निदेशक डॉ.एंजेलिना बुर्बुली, आईएएसआईए की अध्यक्ष प्रो. डॉ.लेजेल लुएस तथा ईकेडीडीए के अध्यक्ष एवं महानिदेशक डॉ.वासिलिस एक्सारखोस भी उपस्थित रहे।
वी.श्रीनिवास ने कहा कि डिजिटल परिवर्तन, जलवायु संबंधी चुनौतियों और जनता की बदलती अपेक्षाओं के अनुरूप शासन व्यवस्था में सुधार जरूरी हैं। इस संदर्भ में राजस्थान के अनुभव प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि ‘विकसित राजस्थान 2047’ की परिकल्पना में जन-केंद्रित प्रशासन और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी गई है।
मुख्य सचिव ने जनशिकायतों के निस्तारण और नागरिक संतुष्टि बढ़ाने के लिए राजस्थान में तकनीक के उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने विभागों के कामकाज की निगरानी, निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाने और अभिलेख प्रबंधन को सुदृढ़ करने में राजकाज के आंकड़ों के विश्लेषण की भूमिका बताई।
उन्होंने बताया कि राज उन्नति के माध्यम से बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाओं की समीक्षा कर विद्युत, रेलवे और पेट्रोलियम क्षेत्रों की परियोजनाओं को गति दी जा रही है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण में मिशन राजीविका की भूमिका बताते हुए उन्होंने ऋण, बाजार और कौशल विकास के अवसरों तक महिलाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से लखपति दीदियों, बैंक सखियों और सोलर दीदियों के लिए आर्थिक अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
‘विकसित भारत 2047’ के संदर्भ में भारत के प्रशासनिक सुधारों को प्रस्तुत करते हुए वी. श्रीनिवास ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जवाबदेही, जिम्मेदारी और पारदर्शिता पर जोर देने का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि डिजिटल सार्वजनिक ढांचा, सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं और सुलभ शिकायत निवारण व्यवस्था नागरिकों के जीवन और कारोबार को आसान बनाने के प्रमुख माध्यम हैं। उन्होंने निरंतर सीखने और दायित्वों के अनुरूप प्रशिक्षण से लोक सेवकों की क्षमता बढ़ाने में मिशन कर्मयोगी की भूमिका भी बताई।
आईएएसआईए की आगामी प्राथमिकताओं पर उन्होंने प्रशासनिक शिक्षण संस्थानों को लोक सेवा प्रशिक्षण अकादमियों, मंत्रालयों तथा राज्य एवं स्थानीय सरकारों से जोड़ने के लिए ‘आईएएसआईए प्रैक्टिस नेटवर्क’ बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने ग्लोबल साउथ की भागीदारी बढ़ाने और अकादमिक शोध को प्रशासनिक कार्यों से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही, शासन में मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार एवं नैतिक उपयोग, डिजिटल समावेशन और लोक सेवकों को इससे जुड़े कौशल से लैस करने की आवश्यकता बताई।
ग्रीस के राष्ट्रीय लोक प्रशासन एवं स्थानीय सरकार केंद्र (ईकेडीडीए) की मेजबानी में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में विद्वान, प्रशासक, नीति निर्माता और शिक्षाविद भाग ले रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संदीप

