राजस्थान में आंधी-बारिश और ओलों से फसलों को नुकसान, तापमान में गिरावट
जयपुर, 31 मार्च (हि.स.)। राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। सोमवार को कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार (31 मार्च) को भी सीकर, झुंझुनूं सहित सात जिलों में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं इस मौसम प्रणाली का असर अप्रैल के पहले सप्ताह तक बने रहने की संभावना जताई गई है।
नागौर, डीडवाना-कुचामन और कोटा जिलों में ओले गिरने से रबी की तैयार फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है।
खासकर नागौर जिले के डेगाना, धनारी कलां और आसपास के क्षेत्रों में ईसबगोल सहित अन्य फसलें प्रभावित हुई हैं। मकराना और गच्छीपुरा क्षेत्रों में भी किसानों को नुकसान की सूचना है। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। कोटा में सर्वाधिक 20 मिमी बारिश हुई।
इसके अलावा अलवर जिले के कोटकासिम में पांच मिमी और टपूकड़ा में तीन मिमी वर्षा हुई। आंधी-बारिश के चलते तापमान में छह डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ गई है। जयपुर, सीकर, चूरू, झुंझुनूं, अलवर और कोटा सहित कई शहरों में दिन का तापमान कम हो गया है। कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस मापा गया।
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, प्रदेश में अप्रैल की शुरुआत भी बारिश के साथ होने की संभावना है। हालांकि, आगामी दो-तीन दिनों में इस सिस्टम का प्रभाव धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेगा, जिसके बाद तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है।
जहां एक ओर मौसम में बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्रशासन और कृषि विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

