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सरकारी कैंसर इंजेक्शन की अवैध बिक्री पर सख्ती, तथ्यात्मक जांच के निर्देश

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सरकारी कैंसर इंजेक्शन की अवैध बिक्री पर सख्ती, तथ्यात्मक जांच के निर्देश


जयपुर, 19 अगस्त (हि.स.)। बीकानेर के सरकारी कैंसर अस्पताल के लिए भेजे गए महंगे कैंसर इंजेक्शन के दिल्ली में कथित रूप से अवैध बिक्री के मामले ने चिकित्सा विभाग में हलचल बढ़ा दी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की तथ्यात्मक जांच के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने साफ कहा है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के उपचार के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी या अनधिकृत बिक्री किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री ने राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरएमएससीएल) और संबंधित अधिकारियों को दवा की पूरी आपूर्ति शृंखला की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत दवा की आपूर्ति से लेकर स्टॉक रजिस्टर, मांग-पत्र, भेजे जाने का रिकॉर्ड और अस्पताल स्तर पर वितरण से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि सरकारी अस्पताल के लिए भेजी गई दवा आखिर दिल्ली तक कैसे पहुंची और कथित बिक्री में किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं।

मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि यदि जांच के दौरान सरकारी दवा की आपूर्ति में किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाएं मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में इनकी उपलब्धता, भंडारण और सुरक्षित वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी जरूरी है।

मंत्री ने अधिकारियों को सरकारी दवाओं की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दवाओं के स्टॉक और वितरण की निगरानी को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित