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अस्पतालों की कैंटीन और आसपास खाद्य प्रतिष्ठानों पर चला ‘मिलावट पर वार’, 1500 किलो खाद्य सामग्री नष्ट

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अस्पतालों की कैंटीन और आसपास खाद्य प्रतिष्ठानों पर चला ‘मिलावट पर वार’, 1500 किलो खाद्य सामग्री नष्ट


जयपुर, 24 सितंबर (हि.स.)। प्रदेश में मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत अस्पतालों की कैंटीन और आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों पर सघन जांच शुरू हो गई है। अभियान के पहले ही दिन प्रदेशभर में 100 से अधिक सरकारी एवं निजी अस्पतालों की कैंटीन, रेस्टोरेंट तथा अस्पतालों के आसपास संचालित 172 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने 159 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए, जिन्हें प्रयोगशालाओं में भेजा गया है। वहीं नियमों की अनदेखी और गुणवत्ता संबंधी कमियां पाए जाने पर करीब 1500 किलोग्राम खाद्य सामग्री मौके पर ही नष्ट कराई गई। खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना नहीं करने वाले 90 कैंटीन एवं खाद्य प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए।

अभियान के दौरान अधिकारियों ने केवल खाद्य पदार्थों के नमूने ही नहीं लिए, बल्कि प्रतिष्ठानों की पूरी खाद्य व्यवस्था की जांच की।

टीमों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, भंडारण व्यवस्था, रसोई परिसर की साफ-सफाई और खाद्य सामग्री तैयार करने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता की स्थिति देखी। इसके साथ ही प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले पेयजल की गुणवत्ता तथा कच्चे और पके खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने और उनके रखरखाव की व्यवस्था भी जांची गई।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनिवार्य प्रावधानों की पालना की स्थिति भी जांची गई। कमियां मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार के निर्देश दिए गए तथा आवश्यकतानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

जयपुर में महात्मा गांधी अस्पताल, आरयूएचएस अस्पताल, जेईसीआरसी अस्पताल और नारायणा अस्पताल की कैंटीनों के साथ इनके आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया तथा आवश्यक कार्रवाई की।

प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए उपचार के साथ सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन भी महत्वपूर्ण है। अस्पतालों के भीतर और आसपास संचालित कैंटीन तथा अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कमियां मिलने पर सुधार के निर्देश देने के साथ जरूरत पड़ने पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देश पर शुरू हुआ यह विशेष निरीक्षण एवं नमूनीकरण अभियान 24 से 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा। अभियान के तहत प्रदेशभर में अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित कैंटीन, कैफेटेरिया, भोजनालय, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य मरीजों और तीमारदारों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जांच में खाद्य गुणवत्ता से समझौता या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित