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भूमि विवादों के समाधान और आदिवासियों को पट्टे देने की मांग, भाकपा ने सौंपा ज्ञापन**

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भूमि विवादों के समाधान और आदिवासियों को पट्टे देने की मांग, भाकपा ने सौंपा ज्ञापन**


डूंगरपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। सीमलवाड़ा उपखंड क्षेत्र के पोपटोली-बोडामली और बोडामली गांवों में वर्षों पुराने भूमि विवादों के स्थायी समाधान की मांग को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला एवं ब्लॉक कमेटी ने मंगलवार को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने तालाब के डूब क्षेत्र की 135 बीघा भूमि पर कथित फर्जी पट्टों के जरिए कब्जे के प्रयासों का विरोध करते हुए दशकों से वन भूमि पर काबिज गरीब आदिवासी परिवारों को पट्टे जारी कर मालिकाना हक देने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि पोपटोली-बोडामली गांव में तालाब के भराव क्षेत्र की करीब 135 बीघा पड़त भूमि का 55 वर्ष पूर्व कोई मुआवजा नहीं दिया गया था। बाद में पंचायत और प्रशासन ने इस भूमि पर बेघर एवं निर्धन परिवारों को बसाया तथा उन्हें बिजली कनेक्शन भी उपलब्ध कराए। पार्टी का आरोप है कि अब डूंगरपुर के एक रसूखदार परिवार द्वारा एक संगठन की आड़ में इस भूमि के कथित फर्जी पट्टे तैयार कर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन के अनुसार 58 बीघा भूमि पर पहले ही कब्जा किया जा चुका है, जबकि वर्ष 1975 में यह भूमि बेघर परिवारों को आवंटित की गई थी।

पार्टी ने यह भी कहा कि क्षेत्र की पड़त वन भूमि पर करीब 40 वर्ष पूर्व वन विभाग द्वारा स्लॉट निर्धारित किए गए थे, जहां वर्तमान में कई गरीब आदिवासी परिवार मकान बनाकर निवास कर रहे हैं। प्रशासन से इन परिवारों को बेदखल करने के बजाय उनके कब्जे के आधार पर भूमि के पट्टे जारी कर मालिकाना अधिकार देने की मांग की गई।

भाकपा (मार्क्सवादी) के झौथरी-सीमलवाड़ा ब्लॉक कमेटी के तहसील सचिव शंकरलाल अहारी ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने दोनों मामलों का शीघ्र एवं न्यायसंगत समाधान नहीं किया तो पार्टी गरीब परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन तेज करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष