संविदा नर्सिंगकर्मी की मौत के बाद एसएमएस अस्पताल में प्रदर्शन, कर्मचारियों ने बहाली की मांग उठाई
जयपुर, 12 जून (हि.स.)। एसएमएस मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में संविदा नर्सिंगकर्मियों को कार्यमुक्त किए जाने के बीच एक संविदा नर्सिंगकर्मी की मौत का मामला सामने आया है। महिला चिकित्सालय, सांगानेरी गेट में कार्यरत 25 वर्षीय दीपक खारवाल की शुक्रवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में नर्सिंगकर्मी एसएमएस अस्पताल परिसर में एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन किया।
दीपक खारवाल पिछले कुछ वर्षों से महिला चिकित्सालय में संविदा आधार पर कार्यरत था। हाल ही में एसएमएस मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध अस्पतालों में कार्यरत संविदा नर्सिंगकर्मियों को कार्यमुक्त किए जाने के निर्णय के बाद वह परेशान बताया जा रहा था। शुक्रवार सुबह वह अन्य संविदा कर्मचारियों के साथ एसएमएस मेडिकल कॉलेज परिसर में चल रहे प्रदर्शन में शामिल हुआ था। इसके बाद वह अपने कमरे पर चला गया। कुछ समय बाद साथी कर्मचारी उससे मिलने पहुंचे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी प्रयास के बाद दरवाजा खोला गया, जहां वह अचेत अवस्था में मिला। उसे तत्काल एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
नर्सिंगकर्मी जितेंद्र कटारा ने बताया कि महिला चिकित्सालय से हाल ही में करीब 150 संविदा कर्मचारियों को कार्यमुक्त किया गया है, जबकि जेके लोन अस्पताल में भी संविदा कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। कर्मचारियों का कहना है कि नौकरी समाप्त होने की आशंका के कारण संविदा कर्मियों में चिंता का माहौल है।
घटना की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में संविदा नर्सिंगकर्मी एसएमएस अस्पताल पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान मेडिकल इमरजेंसी सेवाएं कुछ समय के लिए प्रभावित रहीं। बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हुई। मामले की जानकारी मिलने पर कांग्रेस विधायक रफीक खान, अमीन कागजी तथा जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा सहित अन्य नेता भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने संविदा कर्मचारियों को कार्यमुक्त किए जाने के निर्णय पर सवाल उठाते हुए सरकार से पुनर्विचार की मांग की।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कार्यमुक्त किए गए संविदा कर्मियों की बहाली, मृतक के परिजनों को मुआवजा और अन्य सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि संविदा कर्मचारियों को हटाए जाने से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि एसएमएस मेडिकल कॉलेज में हाल ही में राजमेस के माध्यम से 600 से अधिक नए संविदा नर्सिंगकर्मियों की नियुक्ति की गई थी। इसके बाद निजी एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत करीब 460 संविदा नर्सिंगकर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया गया, जिसके विरोध में पिछले कई दिनों से आंदोलन जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

