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आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में औषधीय द्रव्यों का ज्ञान महत्वपूर्ण: प्रो. शुक्ल

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आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में औषधीय द्रव्यों का ज्ञान महत्वपूर्ण: प्रो. शुक्ल


जोधपुर, 31 अक्टूबर (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ, आयुष मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में द्रव्यगुण विज्ञान एवं स्नातकोत्तर शल्य तंत्र विभाग द्वारा आयोजित 6 दिवसीय राष्ट्रीय सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रमों का कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल की अध्यक्षता में समापन हुआ।

समापन समारोह के दौरान कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल ने द्रव्यगुण विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में औषधीय द्रव्यों का ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने द्रव्यगुण विषय में अनुसंधान की व्यापक संभावनाओं एवं विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए उपलब्ध करियर के अवसरों पर भी अपने विचार व्यक्त किए। द्रव्यगुण विज्ञान विभाग के सीएमई के अंतिम दिवस पर प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ एवं राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर के पूर्व निदेशक प्रोफेसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने प्रशस्त भेषज तथा निघंटु ऑफ आयुर्वेद एवं द्रव्यगुण से संबंधित कोश विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।

इसके पश्चात राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर की पूर्व प्रो-वाइस चांसलर एवं प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. मीता कोटेजा ने द्रव्य एज आहार तथा द्रव्यगुण में अनुसंधान की संभावनाएं एवं करियर के अवसर विषय पर व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान जोधपुर के प्राचार्य एवं द्रव्यगुण विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. चंदन सिंह ने सभी अतिथियों, विषय विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

वहीं, स्नातकोत्तर शल्य तंत्र विभाग द्वारा आयोजित छह दिवसीय राष्ट्रीय सीएमई के अंतर्गत शल्य चिकित्सा से संबंधित विभिन्न शैक्षणिक सत्रों, विशेषज्ञ व्याख्यानों एवं ज्ञानवर्धक चर्चाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को नवीनतम शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय जानकारी प्रदान की गई।

समापन समारोह में प्रोफेसर गोविंद प्रसाद गुप्ता, प्रोफेसर चंद्रभान शर्मा, प्रोफेसर गौरव नगर, प्रोफेसर देवेंद्र चाहर, प्रोफेसर दिनेश शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनोज अदलखा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र प्रसाद पुरविया, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र सिंह पुरोहित सहित अन्य संकाय सदस्य एवं स्नातकोत्तर अध्येता उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश