‘बहरूपिया’ बयान पर गरमाई राजस्थान की सियासत, पायलट के समर्थन में एकजुट हुई कांग्रेस
जयपुर, 28 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान की राजनीति में लंबे समय से आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही कांग्रेस अब भाजपा के बाहरी हमलों के खिलाफ पूरी मजबूती से एकजुट नजर आ रही है। भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल द्वारा वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट को ‘बहरूपिया’ कहने और उनकी निष्ठा पर सवाल उठाने वाले बयान ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस के भीतर वर्षों से अलग-अलग गुटों में बंटे नेता अब सचिन पायलट के समर्थन में एक मंच पर दिखाई दे रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा सहित कई नेताओं ने भाजपा प्रभारी के बयान को अशोभनीय बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है और बिना शर्त माफी की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा की टिप्पणी को उसकी गिरती राजनीतिक संस्कृति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अपमानजनक भाषा का प्रयोग भाजपा की आदत बन चुकी है।
डोटासरा ने कहा कि भाजपा नेतृत्व को अपने पदाधिकारियों की भाषा और व्यवहार पर नियंत्रण रखना चाहिए, अन्यथा जनता ऐसे आचरण को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने अपने तीखे अंदाज में भाजपा प्रभारी पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान में राधा मोहन दास अग्रवाल की पहचान तक नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीति में मुद्दों पर बहस होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत चरित्र हनन किया जाना चाहिए।
खाचरियावास ने आरोप लगाया कि भाजपा स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर कर रही है और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए व्यक्तिगत हमलों का सहारा ले रही है।
कांग्रेस नेता दिव्या मदेरणा ने भाजपा के बयान को संकीर्ण मानसिकता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा जनहित से जुड़े सवालों पर जवाब देने के बजाय निजी हमलों के जरिए राजनीतिक विमर्श को दूषित कर रही है।
मदेरणा ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के बयानों पर मौन रहना अप्रत्यक्ष समर्थन देने जैसा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

